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Bihar News: लापरवाही या मनमानी? करोड़ों की लागत से बनी सदर अस्पताल बिल्डिंग हो रही बर्बाद, विभाग बिल्कुल मौन

Bihar News: जमुई सदर अस्पताल की बिल्डिंग पर पानी जमा कर किया जा रहा क्षतिग्रस्त। पानी की भी हो रही बर्बादी, विभाग के मुँह में जमी दही।

Bihar News
जमुई सदर अस्पताल
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: एक तरफ जहां जमुई जिले के कई गांवों में लोग पीने के पानी की घोर किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल परिसर में पानी की खुलकर बर्बादी हो रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी अस्पताल की बिल्डिंग में मोटर से पानी चलाकर उसे नालियों में बहने के लिए छोड़ दिया जाता है, मानो पानी की कोई कमी ही न हो।


अस्पताल की छत पर जमा किया गया पानी एक तरफ तो इमारत को नुकसान पहुँचा रहा है, वहीं दूसरी ओर कपड़े धोने जैसे कार्यों में इसका प्रयोग कर पानी को व्यर्थ बहाया जा रहा है। बिल्डिंग की दीवारों पर हरे-भरे पेड़ पौधे तक उग आए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि रख-रखाव में भारी लापरवाही बरती जा रही है।


इस मसले पर न तो अस्पताल प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है और न ही कोई उच्च पदाधिकारी संज्ञान ले रहे हैं। जल संकट को लेकर देशभर में चिंता जताई जा रही है, लेकिन यहां पर मानो यह विषय कोई महत्व ही नहीं रखता। जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है, और भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर संकट और गहराने की आशंका है। इसके बावजूद विभाग और प्रबंधन आंख मूंदे बैठे हैं।


सदर अस्पताल के गार्ड उदय यादव ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, "यह बिल्कुल गलत है। इस तरह से पानी की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। बड़े अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।" अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब तक इस कुंभकर्णी निद्रा से जागता है और इस गंभीर समस्या का समाधान करता है। क्या कोई कदम उठाया जाएगा या पानी की यह बर्बादी इसी तरह जारी रहेगी?


वहीं, पूरे मामले को लेकर जमुई सदर अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय ने बताया कि ओवरफ्लो के कारण टंकी से पानी गिर रहा था, लेकिन फिलहाल निर्देशित कर दिया गया है आगे से इस तरह का मामला सामने नहीं आएगा। वहीं, दूसरी और सदर अस्पताल बिल्डिंग के छत के ऊपर पानी और पौधे को लेकर कहा गया है कि डायलिसिस करने वाले के द्वारा ही वहां पर साफ सफाई को लेकर पानी पटाया जा रहा था, जिससे कि पानी जमा हुआ था और हरे पौधे उगे हैं। उन्हें भी निर्देशित किया गया है कि यहां पर पानी जमा न करें और केमिकल न धोएं, दीवारों पर उगे हरे पेड़-पौधे साफ करने की बात कही गई है।


जमुई से धीरज कुमार सिंह