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Bihar illegal mining : अब बचना मुश्किल! बिहार में अवैध खनन करने वालों पर डिजिटल शिकंजा, मौके पर कटेगा चालान और तुरंत लगेगा जुर्माना

बिहार सरकार अवैध खनन के खिलाफ बड़ा कदम उठाने जा रही है। अगस्त से खान निरीक्षक हैंडहेल्ड मशीन लेकर मैदान में उतरेंगे। नियम तोड़ते ही मौके पर चालान और जुर्माना दोनों तय! आखिर क्या है नई डिजिटल व्यवस्था? पढ़िए पूरी खबर।

Bihar illegal mining : अब बचना मुश्किल! बिहार में अवैध खनन करने वालों पर डिजिटल शिकंजा, मौके पर कटेगा चालान और तुरंत लगेगा जुर्माना
Tejpratap
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Bihar illegal mining : बिहार में अवैध खनन और बिना वैध दस्तावेजों के खनिजों के परिवहन पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार अब तकनीक का सहारा लेने जा रही है। खान एवं भूतत्व विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अगस्त महीने से नई डिजिटल निगरानी और कार्रवाई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और राजस्व हानि को रोकना है।


नई व्यवस्था के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात खान निरीक्षकों को अत्याधुनिक हैंडहेल्ड मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन उपकरणों की मदद से अधिकारी मौके पर ही वाहनों और खनिजों से संबंधित जानकारी की जांच कर सकेंगे। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार का नियम उल्लंघन पाया जाता है तो तुरंत चालान जारी किया जाएगा और जुर्माने की राशि भी वहीं पर जमा कराई जा सकेगी।


विभागीय सूत्रों के अनुसार इस नई डिजिटल प्रणाली को लेकर उच्च स्तर पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। खान एवं भूतत्व मंत्री और विभागीय अधिकारियों ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। अब केवल अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है, जिसके बाद इसे पूरे बिहार में लागू कर दिया जाएगा।


अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार कार्रवाई की प्रक्रिया कागजी औपचारिकताओं में उलझ जाती है, जिसके कारण अवैध खनन और खनिज परिवहन करने वाले लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाती। नई तकनीक लागू होने के बाद इस समस्या का समाधान हो जाएगा और निरीक्षक तुरंत डिजिटल माध्यम से कार्रवाई कर सकेंगे।


नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि सभी कार्रवाई ऑनलाइन रिकॉर्ड होगी। खान निरीक्षक द्वारा की गई जांच, चालान और जुर्माने की जानकारी सीधे विभागीय मुख्यालय तक पहुंच जाएगी। इससे निगरानी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की संभावना कम होगी।


विभाग का कहना है कि डिजिटल प्रणाली के माध्यम से ओवरलोडिंग, बिना चालान खनिज ढुलाई और अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा और सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


सूत्रों के मुताबिक, विभाग इस व्यवस्था को एक केंद्रीकृत मॉनीटरिंग सिस्टम से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे किसी भी जिले में की गई कार्रवाई की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी। अधिकारी राज्य स्तर पर बैठकर भी पूरे सिस्टम की निगरानी कर सकेंगे।


इसके अलावा खान एवं भूतत्व विभाग नई व्यवस्था लागू होने से पहले जिलों में विशेष जांच अभियान चलाने की योजना भी बना रहा है। विभाग चाहता है कि डिजिटल सिस्टम शुरू होते ही सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।


सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित इस नई पहल से न केवल अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यह व्यवस्था बिहार में खनन क्षेत्र की निगरानी और नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।