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Bihar Farmer ID : बिहार के 32 लाख किसानों पर बड़ा संकट! जिसके नाम से जमीन उसी को तो PM Kisan समेत इन योजनाओं का लाभ; इस वजह से बढ़ेगी परेशानी

बिहार के 32 लाख से ज्यादा किसानों की Farmer ID अब तक नहीं बनी है। आने वाले समय में Farmer Registry सरकारी योजनाओं के लिए अहम हो सकती है। PM Kisan, KCC, फसल बीमा, खाद-बीज समेत कई लाभ प्रभावित होने की चिंता बढ़ी।

Bihar Farmer ID : बिहार के 32 लाख किसानों पर बड़ा संकट! जिसके नाम से जमीन उसी को तो PM Kisan समेत इन योजनाओं का लाभ; इस वजह से बढ़ेगी परेशानी
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

Bihar Farmer ID News: बिहार के लाखों किसानों के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर आपके नाम से Farmer ID यानी विशिष्ट किसान पहचान पत्र नहीं बना है, तो केंद्र और राज्य सरकार की कई कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी खड़ी हो सकती है। खासकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) को लेकर किसानों को अपनी स्थिति जल्द जांच लेने की जरूरत है।

बिहार में पहले चरण में पीएम किसान सम्मान निधि के 85.53 लाख लाभुक किसानों की Farmer ID तैयार की जानी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अब तक 53.45 लाख किसानों की पहचान दर्ज हो चुकी है, जबकि करीब 32 लाख किसान अभी भी Farmer ID से बाहर हैं। यही वजह है कि इन किसानों के बीच सरकारी योजनाओं का लाभ छूटने की चिंता बढ़ गई है।

तीन बार अभियान चला, फिर भी नहीं बढ़ी रफ्तार

किसानों की Farmer Registry तैयार करने के लिए राज्य में विशेष अभियान भी चलाए जा चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब तक अपनी Farmer ID नहीं बनवा सके हैं। सबसे बड़ी अड़चन उन किसानों के सामने है, जिनके नाम पर खेती की जमीन दर्ज नहीं है।

कई परिवारों में जमीन अभी भी पिता, दादा या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर है। ऐसे में वास्तविक रूप से खेती करने वाला व्यक्ति जमीन के रिकॉर्ड में किसान के रूप में दर्ज नहीं हो पाता। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिहार के किसान रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में काम करते हैं। उनके समय पर वापस नहीं आने से भी Farmer Registry का काम प्रभावित हो रहा है।

PM Kisan का लाभ किसे मिलेगा?

Farmer Registry को लेकर किसानों के लिए सबसे अहम बात PM Kisan Samman Nidhi है। सरकार की व्यवस्था के मुताबिक योजना का लाभ पात्र किसान को उसकी जमीन और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़े विवरण के आधार पर दिया जाता है।एक परिवार में पति-पत्नी दोनों के नाम अलग-अलग तरीके से पीएम किसान की राशि लेने का मामला भी जांच के दायरे में आता है। वहीं आयकरदाता किसानों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता है।इसलिए किसानों को यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उनके जमीन संबंधी दस्तावेज, आधार और अन्य जरूरी रिकॉर्ड सही तरीके से जुड़े हों।

बटाईदार किसानों की बढ़ सकती है परेशानी

Farmer ID की अनिवार्यता को लेकर सबसे बड़ा सवाल बटाईदार किसानों को लेकर उठ रहा है। अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव उमेश सिंह का कहना है कि बिहार में बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जो जमीन के मालिक नहीं हैं, लेकिन वास्तव में खेतों में खेती वही करते हैं।

ऐसे किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिस जमीन पर वे खेती कर रहे हैं, वह उनके नाम पर दर्ज नहीं होती। यदि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल जमीन के रिकॉर्ड और Farmer ID से जोड़ दिया गया, तो वास्तविक खेती करने वाले बटाईदार किसान पीछे छूट सकते हैं। किसान संगठनों की मांग है कि बटाईदार किसानों के लिए भी ऐसी व्यवस्था हो, जिससे खेती करने वाले वास्तविक किसान की पहचान हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

Farmer ID क्यों जरूरी होगी?

आने वाले समय में Farmer ID किसानों की डिजिटल पहचान के तौर पर महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके जरिए किसानों को कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

Farmer ID का इस्तेमाल इन योजनाओं में महत्वपूर्ण हो सकता है—

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

  • केंद्र सरकार की कृषि योजनाएं

  • बिहार सरकार की विभिन्न किसान कल्याण योजनाएं

  • खाद और बीज से जुड़ी सरकारी सुविधाएं

यानी Farmer ID केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि आने वाले समय में किसानों के लिए सरकारी योजनाओं तक पहुंच का अहम माध्यम बन सकती है।

कैसे बनेगी Farmer ID?

किसान बिहार Farmer Registry Portal के जरिए अपनी डिजिटल किसान पहचान बनवा सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से जुड़ा आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जमीन से संबंधित दस्तावेज की जरूरत होती है। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि Farmer Registry के लिए खेती की जमीन का विवरण सरकारी रिकॉर्ड में किसान के नाम से होना चाहिए। मोबाइल नंबर पर OTP सत्यापन के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

किसानों के लिए सबसे जरूरी संदेश

बिहार में करीब 32 लाख किसान अभी Farmer ID बनने की प्रक्रिया से बाहर बताए जा रहे हैं। ऐसे में किसानों को आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय अपने आधार, मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड की स्थिति जांच लेनी चाहिए। खासकर उन किसानों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है जिनके नाम पर जमीन दर्ज नहीं है, जिनकी जमाबंदी में कोई गड़बड़ी है या जो दूसरे राज्यों में काम करते हैं।

आने वाले समय में अगर सरकारी योजनाओं को Farmer Registry से मजबूती से जोड़ दिया जाता है, तो Farmer ID नहीं होने पर किसानों को लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए किसानों के लिए यह सिर्फ एक पहचान बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सरकारी कृषि योजनाओं से जुड़े रहने का जरूरी कदम बनता जा रहा है।