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श्मशान घाट पर खुलेआम घूम रहे शवों के 'सौदागर', 1100 रुपये लेकर गंगा में लाश को ठिकाने लगाने की होती है सौदेबाजी

BHAGALPUR: श्मशान घाट पर 'शवों की सौदेबाजी' करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 1100 रुपये लेकर शवों के सौदागर डेड बॉडी को ठिकाने लगाने का सौदा करते हैं. अमानवीयता की

FirstBihar
Khushboo Gupta
3 मिनट

BHAGALPUR: श्मशान घाट पर 'शवों की सौदेबाजी' करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 1100 रुपये लेकर शवों के सौदागर डेड बॉडी को ठिकाने लगाने का सौदा करते हैं. अमानवीयता की ये हद भागलपुर के बरारी गंगा घाट पर हो रही है. श्मशान घाट पर खुलेआम 'शवों के सौदागर' डेड बॉडी को गंगा में बहाने के लिए अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं. 


दरअसल अंतिम संस्कार पर दो हजार से पांच हजार रुपये खर्च करने में असमर्थ लोगों से श्मशान घाट पर खुलेआम लूट हो रही है. कम कीमत पर शवों का अंतिम संस्कार कराने के नाम पर गंगा घाट पर पूरा गिरोह सक्रिय है. 1100 रुपये प्रति लाश लेकर ईंट भरी बोरियों में बांधकर लाशों को गंगा में फेंका जा रहा है. हर रोज औसतन 5 शवों को इसी तरह से गंगा में फेंका जा रहा है. घाट पर मौजदू नाविक और अंतिम संस्कार करवाने वाले लोगों की मिलीभगत से शवों को खुलेआम गंगा में फेंकने का पूरा खेल चल रहा है. नगर निगम इसे गलत तो मानता है लेकिन इस पर रोक लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम के किसी भी एक्ट में गंगा में प्रदूषण फैलाने पर कार्रवाई का प्रावधान नहीं है. शवों को सही तरीके से डिस्पोज करना और सुविधाएं देना हीं निगम का काम है. 


आपको बता दें कि NGT यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गंगा के 500 मीटर के रेंज में किसी भी तरह का कचरा फेंकने पर रोक लगाई है. नियमों का पालन नहीं करने वालों पर 50 हजार तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है. अधजले शव, मृत पशु, कचरा बहाने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है, जिस पर नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों कार्रवाई कर सकता है. बावजूद इसके शवों को बोरियों में भरकर खुलेआम गंगा नदी में फेंका जा रहा है.


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