PATNA: बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय आदर्श कारा, बेऊर के अधीक्षक नीरज कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जेल में भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई है।
दरअसल, 20 जून को कारा प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बेउर जेल में छापेमारी की थी। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि जेल के वार्डों में अवैध रूप से मेस संचालित किए जा रहे थे। इसके अलावा वार्डों में हीटर का इस्तेमाल भी किया जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है।
जांच टीम को यह भी जानकारी मिली कि जेल की कैंटीन में सामान अधिक कीमत पर बेचा जा रहा था। बंदियों को तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और उनसे अवैध वसूली किए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि किशोर बंदियों को उम्रदराज और कुख्यात कैदियों के साथ रखा जा रहा था, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक शोषण की आशंका बढ़ रही थी।
जांच के दौरान यह भी आरोप लगा कि जेल प्रशासन ने जांच दल को बिना सुरक्षा के बंदियों के बीच छोड़ दिया था। इन सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए सरकार ने जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा को निलंबित कर दिया। कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान नीरज कुमार झा का मुख्यालय केंद्रीय कारा, भागलपुर रहेगा। वहीं, सहायक कारा महानिरीक्षक राजीव कुमार को बेउर जेल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में जेलर, सहायक अधीक्षक समेत कई अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में उसकी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।





