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छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे अधिवक्ता, बेगूसराय में शक्ति प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत उठीं कई मांगें

Bihar Lawyers Protest: बेगूसराय में छात्रों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने प्रतिरोध मार्च निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। जंतर-मंतर घटना की जांच, छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा...

छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे अधिवक्ता, बेगूसराय में शक्ति प्रदर्शन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत उठीं कई मांगें
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Lawyers Protest News: बेगूसराय में छात्रों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया. राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ और जिला वकील संघ के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रतिरोध मार्च निकाला.


अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता भवन से समाहरणालय तक मार्च निकाला और छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की. समाहरणालय पहुंचने के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से जंतर-मंतर प्रकरण की न्यायिक जांच, कथित दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगें उठाई गईं.


अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है. छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है.


अधिवक्ताओं का आरोप है कि जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई से देशभर के युवाओं में आक्रोश है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.


छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ

जिला वकील संघ के सचिव विजयकांत झा ने कहा कि छात्रों की आवाज दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. सरकार को बल प्रयोग के बजाय छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.


उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से लाखों युवाओं का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठ रहा है. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और निर्दोष छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए.


जंतर-मंतर मामले की न्यायिक जांच की मांग

वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ठ अम्बष्ठ ने कहा कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है. उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.


उन्होंने कहा कि मीडिया को भी निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए सच्चाई को सामने लाना चाहिए. प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी दोहराई.


शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

अधिवक्ता पवन गांधी ने कहा कि युवाओं में बढ़ता आक्रोश शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों का परिणाम है. सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.


वीरेंद्र कुमार साहू ने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और प्रश्नपत्र लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. संजय सम्राट ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याएं सुननी चाहिए.


वहीं, दीपक सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.


अधिवक्ताओं ने उठाईं ये प्रमुख मांगें

  • जंतर-मंतर पर हुई घटना की न्यायिक जांच कराई जाए.
  • कथित दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
  • छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं.
  • मृत छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए.
  • परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किया जाए.
  • प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाई जाए.
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें.


ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में सुबोध कुमार झा, पवन गांधी, रामकृष्ण साहू, राजदेव पासवान, शबनम कुमारी और सावरमल सिंघानिया समेत अन्य अधिवक्ता शामिल रहे.
बेगूसराय से हरेराम दास की रिपोर्ट