BEGUSARAI: हॉस्पिटल में महिला मरीज दर्द से तड़प रही थी, लेकिन हॉस्पिटल में इलाज करने वाला कोई डॉक्टर नहीं था, जब नाराज परिजन हंगामा करने लगे तो एक डॉक्टर पहुंचे. इलाज करना तो दूर वह नसीहत देते हुए कहा कि आशा कर्मी हड़ताल पर हैं. आपलोगों को जो करना है कर लिजिए. जिससे परजिनों का गुस्सा भड़क गया और बलिया पीएचसी में जमकर तोड़फोड़ कर दी.
महिला मरीज की स्थिति थी गंभीर
बताया जा रहा है कि मरीज काफी सीरियस थी उसे कोई देखने वाला नहीं था. न ही पीएचसी में कोई डॉक्टर था और बाहर में मरीज दर्द से तड़प रही थी. इसी से नाराज होकर परिजनों के द्वारा बलिया पीएचसी अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. परिजनों ने कहा कि इलाज में मनमानी किया जाता है. समय पर डॉक्टर आते नहीं हैं और ना ही सही समय पर किसी मरीज का इलाज किया जाता है. इसी से नाराज होकर अस्पताल में तोड़फोड़ की गई.
पुलिस ने लोगों को समझाया
घटना की सूचना मिलने के बाद बलिया पुलिस मौके पर पहुंचकर समझाने बुझाने की कोशिश की. जिसके बाद परिजनों का गुस्सा कम हुआ. हंगामा और तोड़फोड़ के कारण इलाज करा रहे मरीजों के बीच अफरातफरी मच गई. भर्ती मरीजों ने भी इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. कहा कि यहां पर डॉक्टर समय पर नहीं आते हैं. जिससे मरीजों की स्थिति और खराब हो जाती है.





