Bihar Flood News: बिहार में मानसून की दस्तक के साथ ही नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है. मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में बागमती नदी के उफान का असर अब गांवों में दिखने लगा है. नदी के तेज बहाव में सरचिया पंचायत के मधुबन प्रताप गांव के पास बना चचरी पुल बह गया, जिससे कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है.
चचरी पुल के बह जाने के बाद ग्रामीणों के सामने आने-जाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पुल आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए रोजमर्रा के आवागमन का मुख्य रास्ता था. पुल टूटने से करीब 50 से 60 परिवारों के लगभग 200 लोग प्रभावित हुए हैं.
ग्रामीणों को अब जरूरी सामान लाने, इलाज कराने और अन्य कामों के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. पहले जहां लोग आसानी से इस रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंच जाते थे, वहीं अब उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है.
बागमती नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण इलाके में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है. परियोजना के बांध के अंदर बसे इस क्षेत्र में चचरी पुल ही लोगों के लिए एकमात्र सहारा था. पुल बहने के बाद लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ के समय ऐसी स्थिति बनती है. नदी में पानी बढ़ते ही चचरी पुल बह जाता है और गांवों का संपर्क टूट जाता है. इसके बावजूद अब तक यहां कोई स्थायी पुल या बेहतर व्यवस्था नहीं की गई है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने और स्थायी पुल बनाने की मांग की है, ताकि हर साल आने वाली इस परेशानी से लोगों को राहत मिल सके.
बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. लोगों ने फिलहाल बच्चों को स्कूल भेजने से बचने और घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है. वहीं जरूरी काम से बाहर जाने वाले लोगों को अतरार होकर कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.





