Anant Singh : जनता दल यूनाइटेड यानी जेडीयू ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह का पहला बयान सामने आया है। अपने तेवरों के लिए चर्चित अनंत सिंह ने साफ कहा है कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई अफसोस नहीं है और वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। एक मीडिया इंटरव्यू में अनंत सिंह ने जेडीयू के फैसले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी उनकी है और उन्हें इससे कोई एतराज नहीं है। उन्होंने कहा, “हम कहने भी नहीं जा रहे हैं कि हमको रखिए। हमको कोई दिक्कत नहीं है। हम उचित काम किए हैं। उचित पर पार्टी निकालता है तो इस पर हमको कुछ नहीं कहना है।”
अनंत सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें निकाल दिया है तो निकाल दिया जाए, वह खुद पार्टी में बने रहने की गुहार लगाने नहीं जाएंगे। नीतीश कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए उनके मन में सम्मान पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जहां भी रहेंगे, वह उनका सम्मान करते रहेंगे। हालांकि, इसके बाद अनंत सिंह ने जेडीयू के मौजूदा नेतृत्व पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार पार्टी में होते तो उन्हें कौन पार्टी से निकाल देता। अनंत सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि आज “केकड़ा-बिच्छू सब पार्टी का मालिक बन गया है।” उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में जेडीयू 15 सीट भी नहीं ला पाएगी और मंत्री-संत्री बनकर बैठे लोगों को अपनी “औकात” का पता चल जाएगा।
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें पार्टी से निकालने के पीछे कौन हो सकता है, तो अनंत सिंह ने कहा कि जो पार्टी का मालिक होगा, वही निकालेगा। वहीं, निशांत कुमार को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह निशांत के बारे में कुछ नहीं बोलेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें निकाल दिया गया है तो कोई भारी बात नहीं है और सामने से जो भी कार्रवाई होगी, उसके लिए वह तैयार हैं। अनंत सिंह ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है, बल्कि गलती पार्टी की है। उन्होंने कहा कि पार्टी 18 साल से उन्हें गाली देती रही, लेकिन अब पार्टी का मुंह खुल गया है तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी चाहे तो उन्हें निकाल सकती है, उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।
इधर, विधानसभा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश के सवाल पर भी अनंत सिंह ने बेबाक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी जो करना चाहती है, कर सकती है। उन्हें इसका कोई गम नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अब जेडीयू 12 सीटों पर सिमट जाएगी और खाता खुलने में भी परेशानी होगी। उन्होंने नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी नीतीश कुमार ने बनाई थी, लेकिन आज उसमें मंत्री और संत्री बने लोगों का पार्टी के निर्माण में क्या योगदान है।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि आगे वह किस राजनीतिक दल में जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने की बात कही और कहा कि जनता ही मालिक और भगवान है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आने पर सब पता चल जाएगा। अनंत सिंह ने कहा कि अभी डेढ़ से दो साल का समय है और आगे इन नेताओं को “कुत्ता नहीं पूछेगा।”
दरअसल, जेडीयू के बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। उन पर पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में प्रतिद्वंद्वी दल के उम्मीदवार के लिए प्रचार करने के आरोप लगाए गए हैं।
आपको बताते चलें कि, बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। उन्होंने उनके पक्ष में प्रचार करते हुए जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने का संकल्प लिया था। इसी को लेकर पार्टी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की। जेडीयू ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश भी की है। वहीं, अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। अब पार्टी से निष्कासन के बाद अनंत सिंह के तीखे तेवरों ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।





