Anant Singh : गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित जनेऊ संस्कार कार्यक्रम के दौरान कथित हथियार प्रदर्शन मामले में मोकामा विधायक अनंत सिंह की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में आज गोपालगंज के एमपी-एमएलए कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। वहीं, शुक्रवार को राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी है।
मामला 2 और 3 मई को आयोजित एक जनेऊ संस्कार कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कुछ लोग खुलेआम हथियार लहराते और डांस करते दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा बार बालाओं के डांस और नोट उड़ाने के दृश्य भी सामने आए थे, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों और उपस्थित प्रमुख लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में आयोजक गुड्डू राय, उत्सव राय, प्रियांशु कुमार, टिशू राय, सौरव कुमार राय, विशाल राय, सुनील यादव, मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत कुल नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान आधुनिक और प्रतिबंधित हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन किया गया, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसके अलावा अश्लीलता फैलाने और सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने हथियारों की बैलिस्टिक जांच कराने के लिए अनंत सिंह को 15 मई तक अपने हथियार और लाइसेंस के साथ उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था। हालांकि, निर्धारित तिथि तक विधायक और उनके समर्थक जांच में शामिल नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने मामले में दो नई धाराएं जोड़ने के लिए अदालत में आवेदन भी दिया।
वायरल वीडियो में अनंत सिंह मंच के सामने की सीट पर बैठे नजर आते हैं। उनके सामने डांस कार्यक्रम चल रहा है और कुछ लोग नोट उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, कुछ अन्य लोगों को हथियार लेकर नृत्य करते हुए भी देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।
हालांकि, विधायक अनंत सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा है। उन्होंने कहा कि जब वे कार्यक्रम में पहुंचे थे, तब वहां कुछ लोग हथियार लेकर नाच रहे थे, लेकिन उनका उन लोगों या उनके हथियारों से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने खुद को इस पूरे मामले में निर्दोष बताया है।
इस बीच एमपी-एमएलए कोर्ट ने पहले ही अनंत सिंह की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। अब सभी की नजरें आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि विधायक को अग्रिम जमानत मिलती है या फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। वहीं, सीआईडी को जांच सौंपे जाने के बाद मामले में नए खुलासों की भी संभावना जताई जा रही है।





