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राजस्व महा–अभियान 2025: 7514 शिविरों में मिले 12 लाख आवेदन, 77.86% जमाबंदी पंजी वितरित

राजस्व महा–अभियान 2025 के तहत बिहार में अबतक 7514 शिविर लगे और 12 लाख से अधिक आवेदन आए। 77.86% जमाबंदी पंजी की प्रति का वितरण पूरा, औरंगाबाद, अररिया व पटना आवेदन में अग्रणी।

बिहार
राजस्व महा-अभियान के 12 दिन शेष
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चलाए जा रहे राजस्व महा–अभियान (16 अगस्त से 20 सितम्बर 2025) के तहत राज्य के ग्रामीण परिवारों को जमाबंदी पंजी की प्रति उपलब्ध कराने तथा पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर आवेदन लेने का कार्य सभी जिले में तीव्र गति से चल रहा है। 19 अगस्त से 8 सितंबर की अवधि में सभी 38 जिलों में 7514 शिविर लगाए गए। 


शिविर में कुल 12 लाख 902 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें जमाबंदी में सुधार के आवेदनों की संख्या सर्वाधिक 913230 है। ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आवेदनों की संख्या 169973, उत्तराधिकार नामांतरण के आवेदनों की संख्या 63049 एवं बंटवारा नामांतरण के आवेदनों की संख्या 54650 है। पिछले 21 दिन में सर्वाधिक आवेदन औरंगाबाद में आए हैं। 


यहां आवेदनों की कुल संख्या 90188 है। दूसरे नंबर पर अररिया है। यहां आवेदनों की संख्या 88900 है। तीसरे नंबर पर पटना है। यहां आवेदनों की संख्या 70794 है। इनके अतिरिक्त गया, मधुबनी, सुपौल, दरभंगा, नालंदा, गोपालगंज एवं समस्तीपुर आवेदन आने के मामले में टॉप टेन में शामिल हैं। शेष जिलों में भी आवेदन आने की संख्या संतोषजनक है।


16 अगस्त से 8 सितंबर की अवधि में सभी 38 जिलों में टीमों द्वारा 77.86 प्रतिशत जमाबंदी पंजी की प्रति का सफलतापूर्वक वितरण किया गया है। राज्य में कुल जमाबंदी की संख्या 3 करोड़ 60 लाख के करीब है। इसके मुकाबले दो करोड़ 80 लाख 19 हजार 394 जमाबंदी की प्रति का वितरण सभी जिलों में किया गया है।


इस अवधि में कई जिलों ने वितरण में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इनमें जहानाबाद (92.40%), सीतामढ़ी (91.96%) और शिवहर (90.91%) जमाबंदी पंजी के वितरण के मामले में शीर्ष तीन स्थानों पर हैं। इनके अलावा मुजफ्फरपुर (90.52%), कैमूर (89.23%), खगड़िया(88.59%), अररिया (88.55%), बक्सर (86.95%), वैशाली (86.83%) तथा मधेपुरा (86.24%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।


इसी क्रम में गोपालगंज (84.48%), सारण (82.76%), सिवान (82.61%), औरंगाबाद (81.98%), अरवल (81.86%), सुपौल (81.83%), शेखपुरा (80.73%), भोजपुर (80.48%), पूर्णिया (79.75%) और भागलपुर (79.48%) भी शीर्ष 20 जिलों में शामिल रहे हैं। बेगूसराय, गया, कटिहार, सहरसा, समस्तीपुर, मुंगेर, नालन्दा, बांका समेत अन्य जिलों में भी जमाबंदी की प्रति वितरण की स्थिति संतोषजनक है।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का लक्ष्य है कि 15 सितम्बर तक राज्य के सभी पात्र परिवारों को उनसे संबंधित जमाबंदी पंजी की प्रति उपलब्ध करा दी जाए। इसके लिए अंचल के माइक्रो प्लान के हिसाब से कार्य कराया जा रहा है। सभी जिलों में मौजा स्तर पर जमाबंदी की प्रति, आवेदन प्रपत्र और पंफलेट उपलब्ध कराया जा रहा है। रैयत उपलब्ध कराई गई जमाबंदी पंजी की प्रति के हिसाब से आवेदन पंचायत में लगने वाले शिविर में जमा करेंगे। 


शिविर का आयोजन 20 सितंबर तक होगा। शिविर में आवेदन जमा करते मोबाइल पर ओटीपी आयेगा और आवेदन रजिस्टर्ड हो जाएगा। इसके उपरांत आवेदन पर हो रही कार्रवाई की सूचना मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले सभी रैयतों के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। किसी भी परिस्थिति में आवेदनों को शिविर में अस्वीकार नहीं करना है। बताते चलें कि इस राजस्व महा–अभियान के दौरान जमाबंदी पंजी की गलतियों में सुधार, छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करना, उत्तराधिकार नामांतरण और बंटवारा नामांतरण का कार्य किया जा रहा है।

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