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संघ के पदाधिकारियों की 'कुंडली' जुटा रही नीतीश सरकार, स्पेशल ब्रांच को दिया टास्क

PATNA : बिहार की नीतीश सरकार में भले ही बीजेपी शामिल हो लेकिन बावजूद इसके सरकार की नजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं पर टेढ़ी ही दिख रही है। नीतीश सरकार ने

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PATNA : बिहार की नीतीश सरकार में भले ही बीजेपी शामिल हो लेकिन बावजूद इसके सरकार की नजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं पर टेढ़ी ही दिख रही है। नीतीश सरकार ने बिहार में आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़े प्रमुख लोगों की कुंडली निकलवाने का काम शुरू कर कर दिया है। स्पेशल ब्रांच को इसका जिम्मा सौंपा गया है। दरअसल खबरों के मुताबिक पटना स्पेशल ब्रांच के एसपी ने अपने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि आरएसएस और उसके सहयोगी संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण समिति, हिंदू राष्ट्र सेना, धर्म जागरण समन्वय समिति, राष्ट्रीय सेविका समिति, दुर्गा वाहिनी, शिक्षा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय रेलवे संघ, शिक्षक महासंघ और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे 19 संगठनों से जुड़े प्रमुख लोगों का पूरा डिटेल विभाग को उपलब्ध करायें। सूत्रों के मुताबिक के स्पेशल ब्रांच के एसपी ने अपने आदेश में इससे अति आवश्यक बताते हुए संघ और उसके अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों का पूरा पता, फोन नंबर और व्यवसाय का डिटेल मांगा है। स्पेशल ब्रांच के इस आदेश के बाद यह सवाल खड़ा होना लाजमी है कि आखिर नीतीश सरकार की नजर संघ और उसके सहयोगी संगठनों पर क्यों है? आखिर स्पेशल ब्रांच को किन वजहों से संघ के पदाधिकारियों की कुंडली जमा करनी पड़ रही है? जाहिर है इस खबर के सामने आने के बाद बिहार में सियासत नए सिरे से गरमायेगी।
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