ब्रेकिंग
Ashok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज! 27 अगस्त तक बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बरसेंगे बादलबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौत

संघ के पदाधिकारियों की 'कुंडली' जुटा रही नीतीश सरकार, स्पेशल ब्रांच को दिया टास्क

PATNA : बिहार की नीतीश सरकार में भले ही बीजेपी शामिल हो लेकिन बावजूद इसके सरकार की नजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं पर टेढ़ी ही दिख रही है। नीतीश सरकार ने

FirstBihar
Admin
2 मिनट
PATNA : बिहार की नीतीश सरकार में भले ही बीजेपी शामिल हो लेकिन बावजूद इसके सरकार की नजर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके सहयोगी संगठनों के नेताओं पर टेढ़ी ही दिख रही है। नीतीश सरकार ने बिहार में आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़े प्रमुख लोगों की कुंडली निकलवाने का काम शुरू कर कर दिया है। स्पेशल ब्रांच को इसका जिम्मा सौंपा गया है। दरअसल खबरों के मुताबिक पटना स्पेशल ब्रांच के एसपी ने अपने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि आरएसएस और उसके सहयोगी संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण समिति, हिंदू राष्ट्र सेना, धर्म जागरण समन्वय समिति, राष्ट्रीय सेविका समिति, दुर्गा वाहिनी, शिक्षा भारती, स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय रेलवे संघ, शिक्षक महासंघ और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे 19 संगठनों से जुड़े प्रमुख लोगों का पूरा डिटेल विभाग को उपलब्ध करायें। सूत्रों के मुताबिक के स्पेशल ब्रांच के एसपी ने अपने आदेश में इससे अति आवश्यक बताते हुए संघ और उसके अन्य सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों का पूरा पता, फोन नंबर और व्यवसाय का डिटेल मांगा है। स्पेशल ब्रांच के इस आदेश के बाद यह सवाल खड़ा होना लाजमी है कि आखिर नीतीश सरकार की नजर संघ और उसके सहयोगी संगठनों पर क्यों है? आखिर स्पेशल ब्रांच को किन वजहों से संघ के पदाधिकारियों की कुंडली जमा करनी पड़ रही है? जाहिर है इस खबर के सामने आने के बाद बिहार में सियासत नए सिरे से गरमायेगी।
रिपोर्टिंग
3

रिपोर्टर

3

FirstBihar संवाददाता