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हाईकोर्ट में जज का आर्डर टाइप कराने रीडर के कमरे में घुसे वकील और मुंशी, जज ने केस की सुनवाई से किया इंकार

PATNA: पटना हाईकोर्ट में बेल के एक आर्डर को तुरंत टाइप कराने की हड़बड़ी में वकील साहब और उनके मुंशी जज के रीडर के कमरे में घुस गये. नाराज जज ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया ह

FirstBihar
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PATNA: पटना हाईकोर्ट में बेल के एक आर्डर को तुरंत टाइप कराने की हड़बड़ी में वकील साहब और उनके मुंशी जज के रीडर के कमरे में घुस गये. नाराज जज ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है. न्यायाधीश ने चीफ जस्टिस को मामले की जानकारी देते हुए केस को दूसरे किसी बेंच में ट्रांसफर करने का आग्रह किया है. वकील की हरकत से जज साहब हुए खफा मामला 11 दिन पुराना है. हाईकोर्ट के जज आशुतोष कुमार की कोर्ट में पटना के गांधी मैदान थाने के एक मामले के अभियुक्त रिक्की उर्फ मो. जावेद के बेल की अर्जी दायर की गयी थी. अभियुक्त के वकील राज दुलार साह की दलीलों को सुनने के बाद जज साहब ने  रिक्की को बेल देने का आदेश दे दिया. कुछ देर बाद उनके रीडर (बेंच सेकेट्री) कोर्ट के पास पहुंचे. रीडर ने बताया कि अधिवक्ता राज दुलार साह एक अन्य व्यक्ति के साथ उनके कमरे में आये और जज साहब के आदेश को जल्दी टाइप करने का दबाब देने लगे. बेंच सेकेट्री ने जज साहब को बताया कि उन्होंने वकील साहब और उनके साथ आये व्यक्ति को रोकने की कोशिश की लेकिन दोनों वहां से निकल गये. जज साहब बोले-किसी को दबाव बनाने का अधिकार नहीं जज साहब ने वकील और उनके सहयोगी की हरकत पर कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने अपने आदेश में लिखा है कि किसी को भी इस तरह से दबाव बनाने की छूट नहीं दी जा सकती. कोर्ट ये तय करेगा कि ऐसी हरकत भविष्य में न हो. कोर्ट की नाराजगी के दौरान ही वकील राज दुलार साह और उनके मुंशी सुरेंद्र यादव भी कोर्ट में पहुंचे और अपने किये पर क्षमा मांगा. कोर्ट ने दोनों को इस चेतावनी के साथ माफी दी कि वे भविष्य में ऐसी हरकत दुबारा नहीं करेंगे. जज ने मामले की सुनवाई से किया इंकार जज आशुतोष कुमार ने इसके बाद मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया है. उन्होंने मामले को चीफ जस्टिस के पास भेजते हुए इसे किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने का आग्रह किया है.  
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