KATIHAR: एक तरफ जहां जरुरी दवा के लिए तड़पते मरीजों की हालात हर दिन बिहार में सुर्ख़ियों में रहती है तो इसी बीच कटिहार में भारी मात्रा में एक्सपाइरी दवा के साथ साथ 'शार्ट और कॉमिंग डेटेड ''दवा को भी खण्डहर नुमा भवन में जैसे तैसे हालात में रख दिया गया. जिस कारण करोड़ों की दवा बर्बाद हो गई.
मान लेते हैं कि इसमें अधिकतर दवा एक्सपाइरी ही है. मगर सालों से इस तरह से एक्सपाइरी दवा को रख देने के पीछे की मंशा क्या है ये तो स्वास्थ विभाग ही बता सकता है. क्या एक्सपायरी दवा के रख रखाव के लिए स्वास्थ महकमे के पास कोई प्लानिंग नहीं है?
कांग्रेस विधायक शकील अहमद कहते है कि ये पूरा रैकेट है. एक तरफ जरुरी दवा खरीदने के लिए लोगों को स्वास्थ विभाग मजबूर कर देती है तो वहीं दूसरी तरफ दवा को इस तरह से सड़ा दिया जाता है, इसकी जांच होनी चाहिए.
माले विधायक महबूब आलम कहते हैं कि जिला अधिकारी अगर गम्भीरता से इसपर जांच करते हुए कार्रवाई नहीं करे तो वो इस मामले को सदन में भी उठाएंगे.
वहीं सिविल सर्जन का कहना है कि उनके आने से पहले से ही सालों से दवा को इस तरह से रखा जा रहा था. इसकी सूचना कई बार मुख्यालय को भी दे दी गई है. जहां तक बगैर एक्सपाइरी दवा रखे जाने की बात है तो वो उन्हें पता नहीं है, इसपर वो जांच करवाएंगे.
एक तरफ जरुरी और प्राणरक्षक दवा के लिए बीमार बिहार कराह रहा है तो वहीं स्वास्थ विभाग कैसे करोड़ों के एक्सपाइरी दवा के साथ बगैर एक्सपाइरी दवा को ज़मीनदोज कर रहा है.
कटिहार में दवा के लिए दर दर भटकते रहे मरीज और खंडहर में सड़ती रही दवा
KATIHAR: एक तरफ जहां जरुरी दवा के लिए तड़पते मरीजों की हालात हर दिन बिहार में सुर्ख़ियों में रहती है तो इसी बीच कटिहार में भारी मात्रा में एक्सपाइरी दवा के साथ साथ 'शार्ट और कॉमिंग डेटे

