ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

सरकारी अस्पतालों में लाइफ सेविंग मशीनों की स्टेटस रिपोर्ट 30 अगस्त तक पेश करे राज्य सरकार, पटना हाईकोर्ट ने दिया आदेश

PATNA: पटना हाईकोर्ट ने पीएमसीएच में सालों से बन्द पड़े या फिर खराब हुए वेंटिलेटर और डायलिसिस मशीनों की हालत पर नाराजगी जाहिर की है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सूबे के तमाम सरकारी अस्प

FirstBihar
Admin
2 मिनट
PATNA: पटना हाईकोर्ट ने पीएमसीएच में सालों से बन्द पड़े या फिर खराब हुए वेंटिलेटर और डायलिसिस मशीनों की हालत पर नाराजगी जाहिर की है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सूबे के तमाम सरकारी अस्पतालों में मौजूद डायलिसिस मशीन और वेंटिलेटर मशीनों का स्टेटस रिपोर्ट मांगा है. जस्टिस ज्योति शरण और जस्टिस पार्थ सारथी की खण्डपीठ ने विकास चन्द्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीएमसीएच अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से इस बात की भी सफाई मांगी है कि सालों पहले खरीदे गए वेंटिलेटर अब तक इस्तेमाल में क्यों नही लाये जा सके? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विकास चंद्र ने खुद से बहस करते हुए खण्डपीठ को बताया कि  पीएमसीएच में 90 वेंटिलेटर में महज 19 ही चालू हैं. सालों पहले खरीदे गए 8 वेंटिलेटर मशीनों में 3 तो बक्से में बंद जस के तस पड़े हुए हैं. जबकि बाकि को वहां के शिशु रोग विभाग में लगाया गया है जिसमें आधे खराब हो चुके हैं. यही हाल कमोबेश डायलिसिस मशीनों का है. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता की सहायक वकील पल्लवी प्राची ने कोर्ट को बताया कि बन्द पड़े उपकरणों को जल्द चालू  किया जा रहा है और खराब मशीनों को ठीक कर उन्हें काम में लगाया जा रहा है. इसपर  हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिया कि इन जीवन रक्षक उपकरणों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए. अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी.
रिपोर्टिंग
9

रिपोर्टर

9

FirstBihar संवाददाता