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बिहार में बाढ़ का बढ़ा दायरा, उत्तर बिहार की नदियों ने लायी आफत

PATNA : नेपाल और उत्तर बिहार में हो रही लगातार बारिश ने सुबह में बाढ़ का दायरा बढ़ा दिया है। सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी सहित सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर की सीमा तक बाढ़ का पानी क

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PATNA : नेपाल और उत्तर बिहार में हो रही लगातार बारिश ने सुबह में बाढ़ का दायरा बढ़ा दिया है। सुपौल, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी सहित सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर की सीमा तक बाढ़ का पानी कई जगहों में प्रवेश कर गया है। https://www.youtube.com/watch?v=MgIG11jZCT0 उत्तर बिहार में बनने वाली लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। भारी बारिश की वजह से कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और कोसी समूह की नदियों के जलस्तर में भारी इजाफा हुआ है। हालात यह है कि जहां चंद दिनों पहले तक सूखे की स्थिति थी वहां अब हर जगह पानी ही पानी है। सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर इस साल के अपने रिकॉर्ड लेवल पर है। निर्मली के इलाके में हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी, सीतामढ़ी-रक्सौल, मुजफ्फरपुर-सुगौली रेलखंड पर रेलवे ट्रैक धंसने की वजह से ट्रेनों का परिचालन बाधित है। मधुबनी में कमला बलान का तटबंध टूट गया है। जयनगर शहर में बाढ़ का पानी घुस चुका है। जलस्तर को देखते हुए कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए हैं। सबसे बुरी स्थिति कमला बराज की है जहां बाढ़ का पानी 3 फीट ऊपर बह रहा है। 1987 के बाद पहली बार कमला बराज के ऊपर पानी चढ़ा है।
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