Bhagalpur Shiv Corridor : बिहार का पहला शिव कॉरिडोर बनने का रास्ता साफ, इस जगह जल्द शुरू होगा काम Bihar politics news : जेल में बंद विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट ने किया बरी, RJD प्रवक्ता बंटू सिंह भी निर्दोष करार दिए गए BPSC teacher recruitment : BPSC को नहीं मिल रही वेकेंसी, बिहार में आरक्षण रोस्टर में फंसी शिक्षकों की बहाली; पढ़िए क्या है पूरा अपडेट husband time sharing : पंचायत का अनोखा फैसला, पति को दो पत्नियों के बीच बंटवारा, इस दिन रहेगी छुट्टी Bihar news : पटना NEET छात्रा मौत मामले में SIT लगातार एक्टिव, ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू ने कहा - 26 तक है इंतजार, उसके बाद होगा... Bihar Police : मारब सिक्सर के 6 गोली..: इसी गाने पर डांस करती दिखीं बिहार की कई महिला जवान, पुलिस कैंप का वीडियो वायरल Patna NEET student case : बिना पर्चे कैसे मिली नींद की गोली, ट्रेन छोड़ स्कॉर्पियो से क्यों पटना आई छात्रा; SIT जांच में नया एंगल; जानिए नीट छात्रा मामले में क्या है नया अपडेट Patna encounter : पटना में लॉरेंस गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार; 36 से अधिक केस दर्ज Bihar Aaj Ka Mausam: बिहार में ठंड और कोहरे से राहत, अगले एक हफ्ते मौसम रहेगा साफ मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार
18-Aug-2025 10:14 AM
By First Bihar
Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का त्योहार हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष, भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त दोपहर 01:54 बजे से प्रारंभ होकर 27 अगस्त दोपहर 03:44 बजे समाप्त होगी। इसलिए, गणेश चतुर्थी 2025 का मुख्य पर्व 27 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की स्थापना के लिए मध्याह्न काल (सुबह 11:05 से दोपहर 01:40 तक) को सबसे शुभ माना गया है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इसी समय भगवान गणपति का जन्म हुआ था।
देशभर खासकर महाराष्ट्र और गुजरात में इस पर्व को बड़ी धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जाता है। भक्त गणपति की स्थापना कर दस दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और उत्सव के दौरान चारों ओर “गणपति बप्पा मोरिया” की गूंज सुनाई देती है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी के दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिनमें शुभ योग, शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग शामिल हैं, जो इस त्योहार को और भी पावन और विशेष बनाते हैं। साथ ही, इस दिन हस्त और चित्रा नक्षत्र का भी संयोग होगा, जो धार्मिक दृष्टि से बेहद लाभकारी माना जाता है।
गणेश स्थापना की विधि में सबसे पहले एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर जल, चावल, फूल लेकर व्रत का संकल्प लेना होता है। इसके बाद ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराना, नए वस्त्र और आभूषण पहनाना, मोदक, लड्डू, दूर्वा घास, लाल फूल और सिंदूर अर्पित करना आवश्यक होता है। अंत में परिवार के सभी सदस्यों के साथ आरती कर भक्तिभाव से पूजा संपन्न की जाती है।
गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी पर होता है, जो इस वर्ष 6 सितंबर को है। इस दिन भक्त गणपति की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं और अगले वर्ष उनके फिर से आने की प्रार्थना करते हैं। इस प्रकार, गणेश चतुर्थी 2025 न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो समृद्धि, खुशहाली और सफलता का प्रतीक माना जाता है। इस त्योहार के दौरान पूरे भारत में खासकर महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, और तमिलनाडु में बड़े पैमाने पर भव्य आयोजन होते हैं, जिनमें भक्त गणपति की आराधना और झांकियां निकालकर आनंद मनाते हैं।