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01-Mar-2026 12:28 PM
By FIRST BIHAR
Chandra Grahan 2026: आगामी 4 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा लेकिन इससे ठीक पहले यानी 3 मार्च 2026 को विशेष चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके कारण इसका धार्मिक महत्व बढ़ गया है। ग्रहण के दृश्य होने की स्थिति में सूतक काल के नियम मान्य होते हैं और इसे अशुभ समय माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है और ग्रहण समाप्त होते ही खत्म हो जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूतक काल सुबह 09:39 बजे से शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं, चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए सूतक दोपहर 03:28 बजे से प्रभावी माना जाएगा।
सूतक काल के दौरान घर के मंदिर के कपाट बंद रखने, मूर्तियों को स्पर्श न करने और भोजन न बनाने तथा न करने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने और घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे को छूना भी वर्जित माना जाता है।
हालांकि धार्मिक दृष्टि से सूतक को अशुभ माना जाता है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से यह समय जप, ध्यान और ईश्वर स्मरण के लिए उपयुक्त बताया गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक से पहले दूध, दही और अन्य खाद्य पदार्थों में तुलसी के पत्ते डालकर रखने की परंपरा है।