Bihar Politics: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध रचना 'रश्मिरथी' की कुछ पंक्तियों के जरिए एनडीए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने तीन साल पहले महागठबंधन सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां देने और नियुक्ति पत्र बांटने के फैसले को याद करते हुए मौजूदा सरकार पर युवाओं के रोजगार के मुद्दे को लेकर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव ने एक्स पर अपनी पोस्ट की शुरुआत रश्मिरथी की इन पंक्तियों से की:
"मैं गरुड़ कृष्ण मैं पक्षिराज,
सिर पर ना चाहिए मुझे ताज!
रण-खेत पाटना है मुझको,
अहिपाश काटना है मुझको!"
उन्होंने कहा कि 2 नवंबर 2023 को बिहार ने इतिहास रचा था। उस दिन पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक साथ 1 लाख 20 हजार 336 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। तेजस्वी ने इसे सरकारी नौकरियों के क्षेत्र में देश का ऐतिहासिक आयोजन बताते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ नियुक्ति पत्र बांटने का यह पहला आयोजन था।
10 लाख सरकारी नौकरी के वादे को किया याद
तेजस्वी यादव ने 2020 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर राजद की सरकार बनने पर 10 लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे असंभव बताया था और सवाल उठाया था कि इतनी नौकरियों के लिए वेतन का पैसा कहां से आएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय न्यूज चैनलों पर भी लगातार 10 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे को असंभव बताया जाता था। तेजस्वी ने यह भी कहा कि 2020 के चुनाव में सरकारी तंत्र और पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर उन्हें चंद वोटों के अंतर से सत्ता से दूर रखा गया।
महागठबंधन सरकार में शुरू हुई शिक्षक बहाली
तेजस्वी यादव ने बताया कि 2022 में बिहार की राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं और महागठबंधन की सरकार बनी। उनके अनुसार, युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा करने की शर्त पर उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन दिया और उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
उन्होंने दावा किया कि सरकार बनने के कुछ ही महीनों के भीतर TRE-1 और TRE-2 का नोटिफिकेशन जारी किया गया। परीक्षाएं बिना पेपर लीक के संपन्न हुईं और समय पर परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद बीपीएससी के माध्यम से तीन लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई।
तेजस्वी ने कहा कि इसी कड़ी में 2 नवंबर 2023 को गांधी मैदान में 1 लाख 20 हजार 336 नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने खुद लेने के बजाय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया था।
स्वास्थ्य विभाग में 1.30 लाख बहाली की थी तैयारी
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में दावा किया कि 10 लाख सरकारी नौकरियां देने की योजना में शिक्षक नियुक्ति केवल पहला कदम थी। उन्होंने कहा कि कई अन्य विभागों में भी नियुक्तियों के लिए आंकड़े और ब्लूप्रिंट तैयार थे। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग का जिक्र करते हुए कहा कि पब्लिक हेल्थ कैडर के तहत 1 लाख 30 हजार से अधिक पदों पर बहाली की पूरी योजना तैयार थी, लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित फाइल रोक दी।
युवाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जनवरी 2024 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार गिराकर एनडीए की सरकार बना ली, जिससे युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी कई योजनाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद नौकरी की मांग करने वाले युवाओं को पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और कड़ाके की ठंड में उन पर पानी डाला गया। तेजस्वी यादव ने अपने बयान के जरिए एनडीए सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की जो प्रक्रिया महागठबंधन सरकार के दौरान शुरू हुई थी, वह आगे नहीं बढ़ सकी।