PATNA: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण के 24 दिन बाद आज मुख्यमंत्री आवास में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। लोक सेवक भवन (पूर्व में 1, अणे मार्ग) में पूजा-पाठ के बाद विधिवत गृह प्रवेश करने के साथ ही उन्होंने कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक की। यह बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
शपथ ग्रहण से लेकर गृह प्रवेश तक का सफर
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था. सम्राट चौधरी ने पिछले 24 दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया, मंदिरों में पूजा-अर्चना की और विकास कार्यों की समीक्षा की। कल यानि 7 मई को उनके कैबिनेट का विस्तार हुआ और 32 मंत्रियों ने शपथ लिया था.
आज सुबह उन्होंने लोक सेवक भवन में सत्यनारायण कथा सहित पारंपरिक पूजा-पाठ का आयोजन किया। पूजा के बाद उन्होंने परिवार सहित भवन में प्रवेश किया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “यह भवन अब लोक सेवक भवन है। यहां रहने वाला हर व्यक्ति जनता का सेवक है। हमारा उद्देश्य बिहार को विकसित राज्य बनाने का है और इस भवन से ही उन संकल्पों को पूरा किया जाएगा।” उन्होंने भवन का नाम बदलकर ‘लोक सेवक भवन’ करने का फैसला पहले ही ले लिया था, जो जनसेवा की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कैबिनेट मंत्रियों के साथ औपचारिक मुलाकात
गृह प्रवेश के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने लोक सेवक भवन में कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक की। बैठक में राज्य की वर्तमान स्थिति, विकास योजनाओं की प्रगति, मॉनसून पूर्व तैयारियों और आगामी बजट की रूपरेखा पर चर्चा हुई।सूत्रों के अनुसार, बैठक में निम्नलिखित मुद्दों पर फोकस रहा:
* कृषि और बाढ़ प्रबंधन: आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की तैयारी।
* शिक्षा और स्वास्थ्य: स्कूलों और अस्पतालों में सुधार तथा युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं।
* उद्योग और निवेश: बिहार में निवेश बढ़ाने के लिए रोडमैप।
* जनता दरबार: मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें।
बैठक के बाद एक मंत्री ने बताया, “सीएम जी ने सभी को टीम वर्क का संदेश दिया। कहा कि हम सब मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।”राजनीतिक महत्वसम्राट चौधरी बिहार के पहले भाजपा मुख्यमंत्री हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता संभालने वाले चौधरी का यह गृह प्रवेश प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सीएम आवास को ‘लोक सेवक भवन’ नाम देकर पुरानी राजनीतिक परंपराओं से अलग हटकर जनकेंद्रित शासन की छवि पेश की है।विपक्षी दलों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नई सरकार को जनसमस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, एनडीए सहयोगी दलों ने इसे सकारात्मक कदम बताया।