Bihar News: दिल्ली से लेकर बिहार तक छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सियासत गर्म है। बिहार विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में विपक्षी सदस्य शशि यादव ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आईजी जितेन्द्र राणा पर हाथ ऐंठने का आरोप लगाया और कोतवाली थानेदार पर भी अभद्र व्यवहार करने की बात कही, जिसपर सभापति ने कहा कि सरकार इसका संज्ञान लेगी।
दरअसल, 22 जुलाई को पटना में हुए छात्र आंदोलन में शामिल होने वाले विपक्ष के कई नेताओं के ऊपर पुलिस ने केस दर्ज किया है। शुक्रवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन विधान परिषद में एमएलसी शशि यादव ने पुलिस पर चोरी और छिनतई का झूठा केस दर्ज करने की बात कही। इतना ही नहीं उन्होंने आईजी पर भी गंभीर आरोप लगाए।
एमएलसी शशि यादव ने सदन में बताया कि बीते 22 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान वे किसी काम से बाहर गई थीं। हमारे ऊपर केस कर दिया गया कि हमने बीजेपी के नेता की अंगूठी, चेन और 15 हजार रुपया छिन ली है। मैं सदन को सूचना देना चाहती हूं कि इस तरह का हमारे ऊपर केस किया गया है। क्या अब यही होगा? ठीक है, जनप्रतिनिधि होने नारे इसे में एक गहना समझती हूं। केस कीजिए लेकिन चोरी और छिनतई का नहीं बल्कि जन आंदोलन का केस कीजिए।
मैंने मोबाइल पर देखा तो बच्चियों को सांत्वना देने गई थी। इस दौरान आईजी जितेन्द्र राणा ने हमरा हांथ ऐंठ दिया। हमरा हाथ अभी भी फूला हुआ है। मैं इन बातों को सदन में नहीं लाना चाहती थी लेकिन जब यह बात आई है तो मैं कह रही हूं। जब बच्चे पकड़े गए थे, उन्हें मारा जा रहा था तो मैं खुद कोतवाली थाना गई थी, बच्चों का हालचाल जानने के लिए तो वहां के जो थाना प्रभारी हैं उन्होंने भी मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया।
एनएलसी ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने कहा कि जहां जाना है चले जाइए, हम कुछ नहीं कर सकते हैं। पुलिस अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का अभद्र व्यवहार जो कर रहे हैं। इसके बाद आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने सदन में सभापति से कहा कि हम लोग तो पुरुष हैं, अगर हमलोगों का कोई हाथ ऐंठ दे तो माना जा सकता है लेकिन एक महिला को एक पुरुष सरेआम हाथ ऐंठे तो आसम से आग्रह है कि इसका भी संज्ञान लिया जाए। जिसपर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि सरकार इस मामले पर जरूर संज्ञान लेगी।