Bihar Politics: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं। एमएलसी चुनाव के बीच जेडीयू में घमासान नहीं थम रहा है। मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में उतर गए हैं। इसी बीच प्रशांत किशोर ने जेडीयू चीफ नीतीश कुमार को बड़ी चुनौती दे दी है।
प्रशांत किशोर ने जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बयान पलटवार किया है और कहा है कि नीरज कुमार अपनी औकात से ऊपर उठकर बोलने लगे थे, इसलिए उनका अंत सुनिश्चित कर दिया है। आज फिर दावा करता हूं कि नीतीश कुमार मीडिया के सामने एक मिनट कह दें कि नीरज कुमार हमारे साथ रहे हैं और इन्हें मेरा समर्थन है। मैं अपना उम्मीदवार वापस ले लूंगा।
वहीं SIR पर हो रहे विरोध पर प्रशांत किशोर ने कहा कि 8-10 वर्षों से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगे हैं। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होना चाहिए। बिहार में मतदान से दो दिन पहले तक वोट खरीदे गए और चुनाव आयोग मूकदर्शक रहा। जब तक चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होगी, विरोध होगा।
पीके ने चुनाव को खर्चीला बनाने के आरोप पर कहा कि प्रशांत किशोर और जन सुराज लोकतंत्र को जिंदा कर रहे हैं। पहले नेता ‘लालू जी का जंगलराज आ जाएगा’ कह जीतते थे, अब सरकार को 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। हमारी वजह से सरकार को थोड़ी मेहनत-पैसा खर्च करना पड़ा। हमने बिहार के लोगों को दिखाया कि आप वोट के लिए 10 हजार रुपये मांगेंगे तो मिलेगा। शिक्षा-रोजगार मांगेंगे तो वो भी मिलेगा।