Bihar Politics: कटिहार दौरे पर पहुंचे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार की वर्तमान आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सरकार पर जनता के पैसे का दुरुपयोग करने और चुनाव जीतने के लिए अनैतिक रास्ते अपनाने के गंभीर आरोप लगाए।


प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य में आज जो आर्थिक बदहाली दिख रही है, वह सरकार की गलत प्राथमिकताओं का नतीजा है। पीके ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए नैतिकता को ताक पर रखकर जनता का करीब 300 करोड़ रुपया बांटा गया। 


उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह पैसा किसी नेता की अपनी जेब का नहीं था, बल्कि आपका और हमारा था। पीके ने दावा किया कि पिछले 3-4 महीनों से सरकार पूरी तरह ठप है। विकास कार्य रुके हुए हैं, ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो रहा है और आधे से अधिक सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है।


वहीं संसद में पारित महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि प्रतीकात्मक राजनीति से जमीन नहीं बदलती। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हक मिलना चाहिए, लेकिन इसे केवल चुनावी हथियार बनाने के बजाय वास्तविक सशक्तीकरण और पंचायत स्तर से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देना चाहिए।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की हालिया सक्रियता और यात्राओं पर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में सबको कहीं भी जाने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इसे परिवारवाद और राजनीतिक विरासत बचाने की कोशिशों से जोड़कर देखने का संकेत दिया।


भाजपा नेता सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में देखे जाने पर प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में चेहरा बदलने से स्थिति नहीं बदलेगी, जब तक व्यवस्था नहीं बदलती। उन्होंने तंज कसा कि बिहार में गठबंधन की सरकारें केवल कुर्सी बचाने के समीकरणों पर चलती हैं, जनता के विकास पर नहीं।


नीट परीक्षा में धांधली और दोषियों को मिल रही बेल पर प्रशांत किशोर ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सिस्टम की ढिलाई और सरकार की विफलता के कारण ही ऐसे संगीन मामलों के आरोपी बच निकलते हैं, जो बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ा धोखा है।

रिपोर्ट- सोनू कुमार, कटिहार