Bihar Politics: विधान परिषद चुनाव से पहले बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच प्रशांत किशोर ने एनडीए को लेकर बड़ा दावा किया है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए की स्थिति ठीक नहीं है और बीजेपी तथा जेडीयू के बीच तालमेल की कमी है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के हटने के बाद एनडीए की राजनीतिक जमीन खिसकी है, जिसका असर आगामी विधान परिषद चुनाव में देखने को मिल सकता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि एनडीए के नेता विधान परिषद चुनाव की सभी आठ सीटों पर जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, बीजेपी और जेडीयू अलग-अलग दिशा में काम कर रहे हैं और दोनों दलों के बीच आपसी तालमेल की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में एनडीए की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। हालांकि, ये प्रशांत किशोर के राजनीतिक दावे हैं, चुनाव के नतीजे नहीं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगले चार साल तक बिहार में एनडीए की सरकार रहेगी और तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विधान परिषद चुनाव में अगर जनता जन सुराज का समर्थन करती है, तो मौजूदा सरकार पर अंकुश लगाया जा सकता है।
उनके मुताबिक, जन सुराज को समर्थन मिलने से राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर दबाव बनेगा और जनता को एक नया राजनीतिक विकल्प मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे नेताओं के मन में जनता के प्रति जवाबदेही का भाव भी मजबूत होगा।
प्रशांत किशोर ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता के हाथों में होती है। यह ताकत किसी एक चुनाव से न तो बनती है और न ही खत्म होती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे सोच-समझकर मतदान करें और जन सुराज के प्रत्याशियों को समर्थन दें।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। प्रशांत किशोर भी अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में लगातार जनसमर्थन जुटा रहे हैं। इस दौरान वह एनडीए पर निशाना साधने के साथ-साथ जन सुराज को राज्य में एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं।