Bihar Politics: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह निर्णय जदयू नहीं बल्कि भाजपा के दो नेता करेंगे।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि भाजपा अक्सर ऐसे चेहरे को सामने लाती है जो बाद में “रबर स्टांप” की तरह काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में भी संभवतः यही रणनीति अपनाई जाएगी और किसी चर्चित चेहरे को मौका नहीं मिलेगा।
सहरसा में मीडिया से बातचीत के दौरान पीके ने कहा कि जदयू की ओर से केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभा सकते थे, लेकिन अब उनकी वह क्षमता नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि अगर ऐसा न होता तो वे मुख्यमंत्री पद से हटते ही नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि जदयू में अब कोई भी नेता भाजपा नेतृत्व से मजबूती से अपनी बात रखने की स्थिति में नहीं है।
वहीं पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा उन मतदाताओं पर काम कर रही है जो पहले वामपंथियों के समर्थक थे और विभाजन के समय आए लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम सरकार के बाद ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें कई सरकारी सुविधाओं से वंचित किया, जिसे भाजपा अब दोबारा देने का वादा कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सीएए और एनआरसी को लेकर भले ही देशभर में विवाद हुआ हो, लेकिन केंद्र सरकार का फोकस बंगाल के करीब सवा लाख वोटरों पर रहा है। पीके ने यह भी कहा कि राज्य में लगभग सवा करोड़ मुस्लिम मतदाता ममता बनर्जी के समर्थन में हैं। ऐसे में अंतिम परिणाम का निर्धारण अन्य मतदाताओं के रुझान पर निर्भर करेगा।