Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा में आज विपक्ष ने ग्रामीण इलाकों में टैक्स वसूली के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया हालांकि स्पीकर ने इस सवाल को अमान्य कर दिया। जिसपर सदन में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने जवाब दिया।
दरअसल, पालीगंज से सीपीआई(एमएल) के विधायक संदीप सौरभ ने सरकार से सवाल किया कि हाल में राज्य सरकार द्वारा कर दर एवं शुक्ल नियमावली 2026 को मंत्रीमंडल से स्वीकृति देकर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स समेत ग्रामीण इलाकों में नए कर लगाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस निर्णय यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ग्रामीण बिहार महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा स्वास्थ्य समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने में विफल रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनपर नए नए करों का बोझ लादा जा रहा है। यह मामला करोड़ों ग्रामीणों के आर्थिक हितों से जुड़ा है। ऐसे में सदन का कार्य स्थगित कर जनता पर थोपे जा रहे टैक्स को वापस लेने जैसे विषय पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करता हूं।
विधायक की इस मांग पर स्पीकर द्वारा कोई जवाब नहीं देने पर सदन में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर बार बार विपक्षी सदस्यों को शांत रहने का निर्देश देते रहे लेकिन हंगामा बढ़ता जा रहा था। विपक्षी सदस्यों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर प्रेम कुमार ने विपक्षी सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की लेकिन विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा।
आखिरकार सरकार की तरफ से डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को भरोसा दिलाया कि इसे लागू करने के पहले सरकार सदन में चर्चा जरूर कराएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष आस्वस्थ रहे कि अगर ऐसा कुछ फैसला होता है तो बिना सदन की सहमति और बिना सदन में चर्चा किए यह लागू हो ही नहीं सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई नया टैक्स लगाने की बात होती है तो सरकार विधिवत विधेयक लाती है और उस विधेयक पर सभी सदस्यों का अधिकार होता है संसोधन देने का। सदन को अधिकार होता है उसको पारित करने का, तो चर्चा तो होगी ही। सरकार आपको आस्वस्थ करती है कि अगर ऐसा कोई निर्णय होता है तो उससे पहले सदन में चर्चा आवश्य होगी।