बड़ा हादसा टला: रामनवमी जुलूस के दौरान तेज आंधी तूफान से बीच सड़क पर गिर गया एलईडी गेट, डाकबंगला में मची अफरातफरी बिहार में शराबबंदी कानून की उड़ाई जा रही धज्जियां, समस्तीपुर मेले में काउंटर लगाकर खुलेआम बिक रही शराब दरभंगा में एम्स निर्माण को मिली रफ्तार, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर बढ़ा बिहार: मंगल पांडेय रामनवमी शोभा यात्रा देख घर लौट रहे दो दोस्त सड़क हादसे के शिकार, एक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत लगाएंगे जनता दरबार, कहा..समस्याओं का होगा तुरंत समाधान वैशाली में चलती कार से अपहरण, स्कॉर्पियो सवार बदमाश फरार पटना के रामकृष्णा नगर में बड़ी कार्रवाई: 25 KG ड्रग्स के साथ दो धंधेबाज गिरफ्तार सुपौल में ‘पनोरमा स्टार 2026’ का भव्य आयोजन, बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय होंगे शामिल वैशाली में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबने से दो बच्चियों की मौत Graduation Day Celebration: नन्हे कदमों से नई उड़ान, सपनों के आकाश की ओर पहला कदम
18-Feb-2024 03:36 PM
By First Bihar
DESK: लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों में भगदड़ मची हुई है। एक तरफ जहां कांग्रेस के कई नेता हाथ का साथ छोड़ चुके है और कई छोड़ने की तैयारी में हैं तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी में भी इस्तीफों का दौर चल रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को दूसरा बड़ा झटका लगा है। स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद अब सपा के बड़े नेता सलीम शेरवानी ने सपा महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है।
दरअसल, अखिलेश यादव की पार्टी में भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक के बाद एक पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आ रही है। पिछले दिनों सपा के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने पार्टी के पद से इस्तीफा सौंप दिया था। लोकसभा चुनाव से पहले मौर्य के बाद सलीम शेरवानी ने सपा महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। कहा जा रहा है कि सलीम शेरवानी राज्यसभा नहीं भेजे जाने से नाराज हैं और यही वजह है कि उन्होंने इस्तीफा दिया है।
सलीम शेरवानी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को लंबा चौड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य में मुसलमानों की हो रही उपेक्षा का जिक्र करते हुए लिखा कि पार्टी में उनके समर्थन को कम कर के नहीं आंकना चाहिए। सलीम ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी की तरफ से घोषित उम्मीदवारों में एक भी मुस्लिम नेता को शामिल नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए अखिलेश यादव से पूछा है कि समाजवादी पार्टी बीजेपी से अलग कैसे है?