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08-Mar-2026 06:17 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर मधेपुरा में जदयू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री से राज्यसभा जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की और कहा कि उन्हें बिहार की जनता के बीच रहकर ही राज्य का नेतृत्व करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके काम पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुना था, न कि केवल एनडीए गठबंधन को। ऐसे में उन्हें राज्यसभा भेजने की चर्चा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावना के खिलाफ है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आईं।
इसके अलावा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल और पोशाक योजना, शराबबंदी जैसे फैसलों को भी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ा गया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उनके नेतृत्व में राज्य में विकास और सुशासन की नई पहचान बनी है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ बड़े नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजने की चर्चा को हवा दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे कार्यकर्ताओं और जनता की भावना का सम्मान करते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करें और बिहार की सक्रिय राजनीति में बने रहें।