Bihar Cabinet Meeting: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट की दूसरी बैठक बुलाई गई है। मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की पहली मीटिंग की थी। दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री एक्शन में आ गए हैं और फिर से कैबिनेट की बैठक बुला ली है। बैठक में कई अहम एजेंडो पर मुहर लगने की संभावना है।


दरअसल, बिहार में पिछले कुछ महीनों से कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार की सरकार ने कैबिनेट की बैठक तो बुलाई थी लेकिन यह सिर्फ औपचारिकता भर थी। इस बैठक में नीतीश कुमार ने कैबिनेट को भंग करते हुए राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इसके बाद बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन किया गया। 


इसके बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की पहली बैठक बुलाई थी हालांकि यह बैठक महज औपचारिकता थी। विपक्षी दल लगातार एनडीए सरकार पर इसको लेकर हमलावर बने हुए हैं और कैबिनेट की बैठक नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। 


नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पिछले दिनों दावा किया था कि बिहार की सरकार को सिर्फ अपनी कुर्सी मतलब है और बिहार की जनता से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा था कि कैबिनेट की बैठक नहीं होने से बिहार में विकास के काम बाधित हो रहे हैं।


अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रीमंडल कक्ष में शाम 6 बडे से कैबिनेट की बैठक बुलाई है। इस बैठक में दोनों डिप्टी सीएम मौजूद रहेंगे। फिलहाल कैबिनेट का विस्तार नहीं हो सका है और सभी विभाग मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के पास हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही कैबिनेट का विस्तार कर लिया जाएगा।