Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा में आज विपक्ष ने ग्रामीण इलाकों में टैक्स वसूली के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया। विपक्ष का कहना था कि ग्रामीण इलाकों के जनता पहले से ही मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रही है ऐसे में टैक्स का अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है? हालांकि स्पीकर ने इस सवाल को अमान्य कर दिया। जिसपर सदन में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया।



पालीगंज से सीपीआई(एमएल) के विधायक संदीप सौरभ ने सरकार से सवाल किया कि हाल में राज्य सरकार द्वारा कर दर एवं शुक्ल नियमावली 2026 को मंत्रीमंडल से स्वीकृति देकर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स समेत ग्रामीण इलाकों में नए कर लगाने का फैसला लिया गया है। सरकार के इस निर्णय के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय मकानों, दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंप, मैरिज हॉल और ईंच भट्ठों आदि पर टैक्स लगाया जाएगा। साथ ही सफाई शुल्क और जलापूर्ति शुल्क भी वसूला जाएगा। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ग्रामीण बिहार महंगाई, बेरोजगारी और कृषि संकट से जूझ रहा है।



एक तरफ जहां सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा स्वास्थ्य समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने में विफल रही है तो वहीं दूसरी तरफ उनपर नए नए करों का बोझ लादा जा रहा है। इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। यह मामला करोड़ों ग्रामीणों के आर्थिक हितों से जुड़ा है। ऐसे में सदन का कार्य स्थगित कर जनता पर थोपे जा रहे टैक्स को वापस लेने जैसे विषय पर तत्काल चर्चा कराने की मांग करता हूं।



विधायक की इस मांग पर स्पीकर द्वारा कोई जवाब नहीं देने पर सदन में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर बार बार विपक्षी सदस्यों को शांत रहने का निर्देश देते रहे लेकिन हंगामा बढ़ता जा रहा था। विपक्षी सदस्यों ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी। इधर सदन की कार्यवाही जारी रही।



आखिरकार स्पीकर प्रेम कुमार ने विपक्षी सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की और विधायक संदीप सौरभ से कहा कि हमने आपको बोलने का मौका दिया। आपने बातों को पढ़ा है। सरकार ने आपकी बातों को सुना है। इसको हमने अमान्य किया है लेकिन आपको पढ़ने का अवसर दिया है और आपने पढ़ लिया। सरकार ने आपकी बातों को संज्ञान में लिया है।