Bihar Politics: बिहार के भागलपुर स्थित सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को हुई घटना को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। तेजस्वी यादव ने एनकाउंटर में मारे हए कुख्यात रामधनी यादव की तस्वीर शेयर पर एनडीए पर तीखा हमला बोला है।
दरअसल, बिहार के भागलपुर स्थित सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को नकाबपोश अपराधियों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में कृष्णा भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया।
अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने एक्स पर दो तस्वीरें शेयर की है। पहली तस्वीर में मारा गया कुख्यात रामधनी यादव बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ दिख रहा है तो वहीं दूसरी तस्वीर में लोजपा (रामविलास) के चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ नजर आया है।
तेजस्वी ने एक्स पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “भागलपुर में सरकारी अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या करने वाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गाने “मारब सिक्सर की 6 गोली छाती में” से प्रेरित सुशासनी अपराधी, बीजेपी संरक्षित गुंडा व एनडीए नेता रामधनी यादव है। यह अपराधी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन और कई केंद्रीय मंत्रियों का नजदीकी है। जंगलराज का बेसुरा राग अलपाने वाले लोग अब हत्यारे एनडीए नेता के बारे में क्या कहेंगे?”
इससे पहले तेजस्वी यादव ने वारदात का सीसीटीवी फुटेज एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है।
𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐚𝐫𝐝 के 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐅𝐚𝐜𝐞𝐝 सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 𝟐𝟏 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है।
सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या 𝐂𝐌 और दो-दो डिप्टी 𝐂𝐌 सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे-𝐎𝐮𝐭𝐝𝐚𝐭𝐞𝐝-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे?”