Bihar Politics: पटना से सटे बख्तियारपुर का नाम बदलने के सुझाव को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने का सुझाव दिया था। इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस सुझाव पर सवाल उठाए हैं।



RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि बख्तियारपुर का नाम ‘नीतीशपुर’ या ‘नीतीशपुरम’ क्यों रखा जाएगा। इस पर राजनीति न हो और लोग टीटीएम न करें। उन्होंने कहा कि बख्तियारपुर का नाम बख्तियारपुर ही रहना चाहिए और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।



भाई वीरेंद्र ने नाम बदलने के सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि अगर नाम बदलना ही है तो देश का नाम भी प्रधानमंत्री के नाम पर कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिहार में जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है।



RJD विधायक ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से बिहार के लोगों का कल्याण नहीं होने वाला है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के पास नाम बदलने का अधिकार है और वह कुछ भी कर सकती है, लेकिन जनता ऐसे फैसलों को स्वीकार नहीं करेगी।



भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार की जनता चाहती है कि सरकार भूख और बेरोजगारी की समस्या दूर करने पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने और आम लोगों की समस्याओं पर काम करने की जरूरत है।



उन्होंने यह भी कहा कि अगर जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। उन्होंने विदेशों में शासकों के खिलाफ हुए आंदोलनों का उदाहरण देते हुए बिहार सरकार को चेतावनी दी।



बख्तियारपुर का नाम बदलने का सुझाव संतोष कुमार सुमन की ओर से दिए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर नाम बदलने के सुझाव को लेकर चर्चा हो रही है, वहीं RJD ने इसे जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया है।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना