Bihar Top 10 News: NEET केस की गूंज दिल्ली तक, डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक की तैयारी, AI से 31 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई बोधगया में जनकल्याण संवाद के दौरान बुजुर्ग के गुस्से को देख बोले विजय सिन्हा, कहा..जब दिल का दर्द निकलता है, तभी बीमारी का पता चलता है जमुई में एक फ्लैट से नाबालिग छात्र-छात्राओं को पुलिस ने पकड़ा, इलाके में मचा हड़कंप बिहार से चोरी हुआ ट्रैक्टर राजस्थान से बरामद, एक आरोपी भी गिरफ्तार गोपालगंज में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की वाइन पर चला बुलडोजर South Bihar Express : साउथ बिहार एक्सप्रेस में सीट को लेकर जमकर हुआ विवाद, कबड्डी खिलाड़ियों पर हमला; चार-पांच जख्मी Bihar police alert : समस्तीपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, डिस्ट्रिक्ट जज के ई-मेल पर आया मैसेज दरभंगा में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया ऐलान, कहा..सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर नहीं चलेगी गेहूं के खेत में मृत मिला बाघ, इलाके में दहशत, करंट लगने से मौत की आशंका Bihar police alert : बिहार के कई जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, पटना सिविल कोर्ट से दो युवक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार
14-Jan-2021 03:05 PM
DESK : भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद भूपिंदर सिंह मान ने किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से खुद को अलग कर लिया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा मैं किसानों के साथ खड़ा हूं और इसलिए खुद को इस कमेटी से अलग कर रहा हूं.
किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित किए गए चार सदस्य में से भूपिंदर सिंह मान के नाम पर शुरू से ही बवाल हो रहा था. आंदोलन कर रहे किसानों का कहना था कि भूपिंदर सिंह ने तो पहले ही कृषि कानूनों का समर्थन किया है फिर इन्हें कैसे कमेटी में शामिल किया जा सकता है.
भूपिंदर सिंह मान ने कमेटी में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया. इसके साथ ही आगे लिखा कि एक किसान और संगठन का नेता होने के नाते मैं किसानों की भावना जानता हूं. मैं अपने किसानों और पंजाब के प्रति वफादार हूं. इन के हितों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकता. मैं इसके लिए कितने भी बड़े पद या सम्मान की बलि चढ़ा सकता हूं. मैं कोर्ट की ओर से दी गई जिम्मेदारी नहीं निभा सकता. मैं खुद को इस कमेटी से अलग करता हूं.