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27-Mar-2023 10:59 AM
By VISHWAJIT ANAND
PATNA : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद से सदस्यता रद्द होने को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। आपराधिक मानहानि के इस मामले में सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल जेल की सज़ा सुनाई है जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई है। इस बीच अब आज बिहार विधानमंडल बजट सत्र में शामिल होने के लिए महागठबंधन के सभी दल के नेता काला पट्टी बांध सदन पहंचे। सबसे बड़ी बात यह है कि, अब तक इस मामले से दूरी बनाकर रखने वाली पार्टी जेडीयू ने भी इसका विरोध जताया है और वो भी काला पट्टी बांध सदन पहुंचे हैं।
दरअसल, सोमवार को बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी की सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर सदन के बाहर महागठबंधन के तरफ से विरोध जताया जा रहा है। एक तरफ जहां कांग्रेस पूरे देश में इस मामले को लेकर आंदोलन कर रही है। सत्याग्रह चला रही है। वहीं, दूसरी तरफ अब इसको जेडीयू का भी समर्थन मिल गया है। जेडीयू के विधान पार्षद उनके साथ अब इसको लेकर खड़े नजर आ रहे हैं।
मालूम हो कि, इससे पहले जिस दिन राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द की गई थी उसी दिन जेडीयू ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली थी। महगठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार क्या, जदयू के किसी भी नेता इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। जेडीयू ने इसे न्यायपालिका का मामला बता कर अब तक चुप्पी साध रखी थी। लेकिन, अब आज तस्वीरें बदली हुई नजर आई और जेडीयू भी इस मामले को लेकर कांग्रेस के साथ नजर आई।
इधर, दूसरी तरफ बीजेपी राहुल गांधी के उस बयान को याद दिला कर दोषी बता रही है कि उन्होंने गलती की थी। इसलिए कोर्ट ने सजा दी है। बीजेपी आरोप लगा रही है कि कांग्रेस न्यायालय को चुनौती दे रही है। जबकि यह पूरा मामला न्यायिक था। हालांकि इस मामले अब यह देखना होगा कि जदयू कबतक अपना समर्थन कांग्रेस को देती है। क्योंकि जब कांग्रेस सभी विपक्षी पार्टियों ने प्रदर्शन किया था तो जदयू कांग्रेस के साथ खड़ी नहीं हुई थी।