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12-Sep-2022 06:39 PM
PATNA: कुछ दिन हुए जब नीतीश कुमार ने कहा था कि प्रशांत किशोर को बिहार का ABC नहीं मालूम है और पीके भाजपा से मिले हुए हैं लेकिन अब खबर ये आ रही है कि नीतीश कुमार प्रशांत किशोर को मनाने की कवायद में जुट गये हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने आज प्रशांत किशोर के नजदीकी माने जाने वाले पूर्व सांसद पवन वर्मा से लंबी बातचीत की है। सूत्रों के मुताबिक पवन वर्मा को ये जिम्मा दिया गया है कि वे प्रशांत किशोर से बात कर नीतीश के मिशन 2024 के लिए काम करने को मनायें।
बता दें कि पवन वर्मा पूर्व राजनयिक रहे हैं। नीतीश कुमार ने उन्हें अपनी पार्टी से राज्यसभा सांसद बनाया था। बाद में पवन वर्मा ने जेडीयू छोड़कर ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। ये वही दौर था जब प्रशांत किशोर भी नीतीश से खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे थे। लेकिन पिछले महीने उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने का एलान किया था। पवन वर्मा प्रशांत किशोर के बेहद करीबी माने जाते हैं।
नीतीश औऱ पवन वर्मा की मुलाकात
सीएम हाउस से मिल रही खबर के मुताबिक नीतीश कुमार ने आज पवन वर्मा से लंबी बातचीत की है। जेडीयू के एक सीनियर नेता ने फर्स्ट बिहार को बताया कि नीतीश कुमार अपने मिशन 2024 के लिए प्रशांत किशोर को साथ लाना चाहते हैं. लेकिन प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में खुद दांव आजमाना चाहते हैं. उन्होंने बिहार में जन सुराज अभियान की शुरूआत की है औऱ सूबे के हर जिले की यात्रा कर रहे हैं. नीतीश चाहते हैं कि प्रशांत किशोर अपनी राजनीति छोड़कर उनके साथ आय़ें।
इससे पहले ही इसी साल मार्च में नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर से कहा था कि वह जेडीयू में फिर से वापस आ जायें. प्रशांत किशोर खुद स्वीकार कर चुके हैं कि मार्च 2022 में जब वे नीतीश कुमार से दिल्ली में औपचारिक मुलाकात करने गये थे तो उन्हें वापस जेडीयू में लौटने का न्योता दिया गया था. लेकिन उन्होंने उस न्योते को स्वीकार नहीं किया था. अब नीतीश पवन वर्मा को आगे कर प्रशांत किशोर को साधना चाह रहे हैं।
प्रशांत किशोर औऱ पवन वर्मा पर एक साथ हुई थी कार्रवाई
बता दें कि नीतीश कुमार ने 2020 में पवन वर्मा औऱ प्रशांत किशोर पर एक साथ कार्रवाई की थी. तब प्रशांत किशोर जेडीयू के उपाध्यक्ष थे तो पवन वर्मा महासचिव. पवन वर्मा ने CAA यानि नागरिकता संशोधन विधेयक पर जेडीयू और नीतीश कुमार के स्टैंड पर आपत्ति जतायी थी. पवन वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में जेडीयू के बीजेपी से समझौते पर भी आपत्ति जतायी थी. उन्होंने नीतीश कुमार को इन मसलों पर एक पत्र भी लिखा था, जो सार्वजनिक हो गया था. उसी दौरान प्रशांत किशोर भी CAA समेत दूसरे मुद्दों पर नीतीश कुमार का विरोध कर रहे थे. जेडीयू ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
क्या मान जायेंगे प्रशांत किशोर
सियासी गलियारे में ये सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशांत किशोर नीतीश के प्रोपोजल को स्वीकर कर लेंगे. इसके आसार कम ही नजर आ रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही नीतीश कुमार ने कहा था कि प्रशांत किशोर को बिहार की ABC नहीं मालूम है. नीतीश ने ये भी कहा था कि प्रशांत किशोर को बीजेपी में जाने का मन है. नीतीश के आरोपों पर प्रशांत किशोर ने भी तल्खी से जवाब दिया था।