Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
13-Dec-2019 08:36 AM
PATNA : नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन कर अंदरूनी टकराव झेल रहे जेडीयू को लेकर प्रशांत किशोर ने अपना रुख साफ कर दिया है. प्रशांत किशोर ने CAB बिल और NRC को लेकर एक बार फिर से ट्वीट किया है.
प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा है कि 'बहुमत से संसद में CAB बिल को पास करा लिया गया. लेकिन न्यायपालिका के अलावे 16 गैर-भाजपा सीएम पर भारत को बचाने की जिम्मेदारी है. पंजाब, केरल और वेस्ट बंगाल के सिएम ने CAB और NRC को नो कह दिया है. और अब दूसरे गैर भाजपा राज्य के सीएम को अपना रुख स्पष्ट करने का समय आ गया है.'
बता दें कि प्रशांत किशोर शुरू से ही CAB बिल को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. पार्टी की नसीहतों का भी प्रशांत किशोर पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है. पार्टी के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष वशिष्ठ नाराय़ण सिंह ने नसीहत देते हुए साफ तौर पर कह दिया है कि पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलने वालों के बयान उनके निजी हो सकते हैं, पार्टी का इससे कोई लेना -देना नहीं है. उन्होंने ऐसे नेताओं के बारे में कहा कि पार्टी के निर्णयों पर सवाल उठाने से पहले पार्टी फ़ोरम में गंभीर मुद्दों पर चर्चा होती है और वहां पर ही अपनी बात रखें. अलग से कोई बयान न दें. लेकिन इसका असर भी पीके पर नहीं दिखाई दे रहा है और उनका विरोध लगातार जारी है.