Bihar Police : DGP का नया फरमान, अब हर रेड से पहले इन्हें देना होगा इन्फॉर्मेशन; बिना SOP कार्रवाई पर एक्शन तय Bihar News : अब नहीं होगा इंतजार! बिहार में शिकायतों पर 72 घंटे में एक्शन, सरकार ने जारी किया सख्त निर्देश Bihar News : बिहार पंचायत चुनाव पर बड़ा संकट! 30 साल पुराने नक्शे ने बढ़ाई टेंशन; क्या बदलेगा चुनाव का पूरा गणित? Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षक नियुक्ति में बदलाव, अब तीन की जगह इतने जिलों का होगा विकल्प; हट जाएगा यह सिस्टम Bihar News : बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी तेज, इनको सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी; प्रशासन अलर्ट मोड में Bihar job update : बिहार में नौकरी पर सरकार सख्त, अब सभी विभाग को हर महीने देना होगा पूरा हिसाब-किताब; जारी हुआ आदेश Bihar Politics : सस्पेंस हुआ खत्म ! जानिए कौन होंगे बिहार के नए 'चौधरी'', CM नीतीश के बाद अब मंत्री ने भी किया कंफर्म; 20 साल बाद बिहार को मिलेगा नया 'सम्राट' Patna Ring Road : पटना रिंग रोड से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा, इस सड़क का मानसून के बाद होगा निर्माण गोपालगंज में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो स्कूली छात्रों की मौत मुजफ्फरपुर: केंद्रीय कारागार के विचाराधीन बंदी की SKMCH में मौत, गंभीर बीमारी और ड्रग एडिक्शन से था ग्रसित
20-Jul-2020 06:56 AM
PATNA : पटना जिला प्रशासन के सकारात्मक पहल का समर्थन करते हुए पटना के दो निजी अस्पतालों ने अपने यहां कोरोना का ट्रीटमेंट शुरू करने के लिए कदम आगे बढ़ाया है। पटना के पारस हॉस्पिटल में आज से कोरोना के मरीजों का इलाज शुरू हो जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है। पारस हॉस्पिटल के साथ-साथ पटना के ही रुबन हॉस्पिटल में भी कोरोना के मरीजों का इलाज हो पाएगा।
इन दोनों प्राइवेट अस्पतालों में फिलहाल कोरोना के मरीजों के लिए 25-25 बेड रिजर्व किए गए हैं। कोरोना के मरीज अब यहां अपना इलाज करा पाएंगे। पटना के पारस हॉस्पिटल में अपने हाथ कोरोना का इलाज करने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया था जिसके बाद अस्पताल का निरीक्षण किया गया और फिर इसकी मंजूरी दी गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में आए कोरोना पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेशन वार्ड और निगेटिव मरीजों को जनरल वार्ड में रखने का इंतजाम पाया गया है।
पटना के डीएम कुमार रवि ने कहा है कि कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले प्राइवेट अस्पतालों को 20 से 25 फीसदी बेड आइसोलेशन वार्ड के तौर पर रखने, इलाज के मानकों का पालन करने और स्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर इसकी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।