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30-Nov-2021 06:43 AM
MUNGER : अगर कोई लोकतंत्र के महापर्व में वोट देने जाये तो क्या उसका ये नतीजा हो सकता है कि उसका पूरा बैंक अकाउंट ही खाली हो जाये. बिहार में तो ऐसा ही हुआ है. पंचायत चुनाव में वोट देने गये सैकड़ों लोगों ने ईवीएम का बटन क्या दबाया, बैंक अकाउंट में जमा सारे पैसे गायब हो गये. लोगों ने जब हंगामा किया तो प्रशासन हरकत में आय़ा औऱ फिर मतदानकर्मी का कारनामा जानकर बड़े अधिकारी भी हैरान रह गये.
मुंगेर में हुआ वाकया
य़े अजूबा वाकया मुंगेर जिले के सदर प्रखंड के नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के बूथ संख्या 145 पर वोट देने गये लोगों के साथ हुआ. पंचायत चुनाव में वोट देने गये वोटरों ने जैसे ही वोट दिया वैसे ही उनके बैंक खाते से पैसे गायब हो गये. इधर बूथ से वोट देकर निकले औऱ उधर मोबाइल पर मैसेज आय़ा कि बैंक अकाउंट से पैसा निकल गया है. सुबह से ही ये खेल जारी था लेकिन तकनीक की कम समझ वाले ग्रामीणों को पूरी बात समझ में नहीं आ रही थी. दोपहर होते होते ग्रामीणों को अंदाजा हुआ कि खाते से पैसे गायब होने का वाकया सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ हो रहा है जो वोट देने जा रहे हैं. तब उन्हें वोट के बहाने मिल रही चोट का अंदाजा हुआ.
ग्रामीणों के हंगामे के बाद पहुंचे आलाधिकारी
ग्रामीणों को जब वोट औऱ बैंक में पडे नोट का रिश्ता समझ में आय़ा तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया. लोगों ने जब हंगामा किया तो प्रशासन हरकत में आया. मुंगेर की सदर एसडीओ खुशबू गुप्ता गांव में पहुंची तो लोगो ने उनसे शिकायत की. पीड़ित लोगों ने एसडीओ खुशबू गुप्ता को मोबाइल का मैसेज दिखाया औऱ बताया कि पैसे ठीक उसी वक्त खाते निकले जिस वक्त वे वोट दे रहे थे.
मतदानकर्मी ने कर दिया बडा खेल
ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद एसडीओ को पोलिंग बूथ पर तैनात मतदानकर्मी पर संदेह हुआ. एसडीओ ने अपने संदेह के आधार पर मतदानकर्मी रवि कुमार को पकड़ा औऱ उसे पुलिस के हवाले कर दिया. जब पुलिस ने रवि कुमार से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना कारनामा बताया. रवि कुमार ने ही फिंगर प्रिंट के सहारे ग्रामीणों के खाते से पैसे निकाल लिये थे. उसने बडी चालाकी से अपने कारनामे को अंजाम दिया.
ग्रामीणों से दो बार लिये गये फिंगरप्रिंट
दरअसल इस दफे पंचायत चुनाव में धांधली को रोकने के लिए निर्वाचन आय़ोग मतदान केंद्र पर वोटरों का फिंगर प्रिंट मिलान कर रहा है. फिंगर प्रिंट लेकर वोटरों को वोट डालने दिया जा रहा है. मुंगेर के इस बूथ पर ग्रामीणों ने बताया कि उनसे कि, फिंगर प्रिंट लेने वाले कर्मी ने हम लोगों से दो बार फिंगरप्रिंट लिया था. वोटिग शुरू होते ही ये खेल शुरू हुआ. पीड़ितों में अधिकांश महिलाएं थीं और सभी का खाता नौवागढ़ी ग्रामीण बैंक में है. वहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि निभा कुमारी के खाता से 5000 रुपया, उषा कुमारी के खाता से 4000 रुपया, मधु देवी के खाता से 10,000 रुपया, सोनी कुमारी के खाता से 10000 रुपया, अमृता प्रीतम के खाता से 5000 रुपया, रामनिवास चौधरी के खाता से 4000 एवं जयजय राम चौधरी के खाता से 10,000 रुपया निकाले जाने का मैसेज इन लोगों के मोबाइल पर आया है. ऐसे कई ग्रामीण थे जिन्हें अपने खाते का स्टेट्स पता नहीं चल पाया था.
एप के सहारे किया खेल
दरअसल मुंगेर के इस बूथ पर वोटरों का फिंगर प्रिंट लेने के लिए जिस रवि कुमार की तैनाती की गयी थी वह आरोपी ग्रामीण बैंक का सीएसपी संचालक है. लिहाजा उसे पता था कि ग्रामीणों के बैंक अकाउंट से पैसे कैसे निकाले जा सकते हैं. पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. रवि कुमार ने बताया कि वह सीधे-साधे दिखने वाले वोटरों को टारगेट कर रहा था. निर्वाचन आयोग ने वोटरों की अंगुली का निशान लेने के लिए उसे टैब दिया था. लेकिन वह उसके अलावा एक अपना बायोमेट्रिक्स मशीन लेकर गया था. वोट डालने आ रहे लोगों से वह निर्वाचन आयोग की मशीन पर अंगुलियों का निशान लेता था. फिर तुरंत कहता था कि उनकी अंगुली का निशान सही से नहीं आय़ा. तब वह अपने बायोमेट्रिक्स मशीन पर उनके अंगूठे का निशान लेता था. ग्रामीण उसकी मशीन पर अंगुली का निशान लगाते औऱ उनके बैंक अकाउंट से पैसे ट्रांसफर होने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है. रवि कुमार वोटरों के अकाउंट से पैसे अपने एक परिचित के खाते में ट्रांसफर कर रहा था.
पैसे लौटाये जायेंगे
सदर एसडीओ ने बताया कि फिंगर प्रिंट लेने वाले मतदान कर्मी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है. यदि मतदान के लिए फिंगरप्रिंट देने पर मतदाताओं के बैंक से राशि निकली है, तो वैसे सभी पीड़ित लोगों की राशि अवश्य लौटायी जाएगी. इस धोखाधड़ी में जो कोई भी शामिल है उसे किसी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा.