ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Police : DGP का नया फरमान, अब हर रेड से पहले इन्हें देना होगा इन्फॉर्मेशन; बिना SOP कार्रवाई पर एक्शन तय Bihar News : अब नहीं होगा इंतजार! बिहार में शिकायतों पर 72 घंटे में एक्शन, सरकार ने जारी किया सख्त निर्देश Bihar News : बिहार पंचायत चुनाव पर बड़ा संकट! 30 साल पुराने नक्शे ने बढ़ाई टेंशन; क्या बदलेगा चुनाव का पूरा गणित? Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षक नियुक्ति में बदलाव, अब तीन की जगह इतने जिलों का होगा विकल्प; हट जाएगा यह सिस्टम Bihar News : बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी तेज, इनको सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी; प्रशासन अलर्ट मोड में Bihar job update : बिहार में नौकरी पर सरकार सख्त, अब सभी विभाग को हर महीने देना होगा पूरा हिसाब-किताब; जारी हुआ आदेश Bihar Politics : सस्पेंस हुआ खत्म ! जानिए कौन होंगे बिहार के नए 'चौधरी'', CM नीतीश के बाद अब मंत्री ने भी किया कंफर्म; 20 साल बाद बिहार को मिलेगा नया 'सम्राट' Patna Ring Road : पटना रिंग रोड से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा, इस सड़क का मानसून के बाद होगा निर्माण गोपालगंज में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो स्कूली छात्रों की मौत मुजफ्फरपुर: केंद्रीय कारागार के विचाराधीन बंदी की SKMCH में मौत, गंभीर बीमारी और ड्रग एडिक्शन से था ग्रसित

Home / news / ‘केके पाठक का विरोध करने वाले गरीब-दलित-अल्पसंख्यक विरोधी’ मांझी बोले- ये थोड़े ना...

‘केके पाठक का विरोध करने वाले गरीब-दलित-अल्पसंख्यक विरोधी’ मांझी बोले- ये थोड़े ना चाहेंगे कि यह तबका पढ़े

05-Jan-2024 11:49 AM

By First Bihar

PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पूर्व सीएम जीतन राम मांझी इन दिनों केके पाठक के काम की खुलकर सराहना कर रहे हैं। आज दूसरे दिन भी मांझी ने केके पाठक के काम की प्रशंसा की और केके पाठक का विरोध करने वाले लोगों को दलितों, गरीबों और अल्पसंख्यकों का विरोधी बताया है। मांझी ने कहा है कि ऐसे लोग कभी नहीं चाहते कि गरीबों के बच्चे पढ़ लिखकर आगे बढ़े।


दरअसल, सोशल मीडिया के जरिए हर दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की क्लास लगाने वाले जीतन राम मांझी नीतीश को लेकर सॉफ्ट नजर आ रहे हैं। मांझी के निशाने पर पिछले कुछ दिनों से न तो नीतीश हैं और ना ही महागठबंधन। मांझी इन दिनों केके पाठक के काम की खुलकर सराहना कर रहे हैं और कह रहे हैं कि केके पाठक अद्वितीय काम कर रहे हैं।


बीते गुरुवार को मांझी ने X पर लिखा कि वैसे तो केके पाठक शिक्षा के दिशा में अद्वितीय काम कर रहें हैं। पर यदि वह एक काम और कर दें तो शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हो जाएगा। मुख्य सचिव का बच्चा हो या चपरासी का, विधायक का बच्चा हो या मंत्री का, सरकार से वेतन उठाने वालों के बच्चे सरकारी स्कुल में ही पढेगें।


शुक्रवार को भी मांझी ने केके पाठक का समर्थन किया और एक्स पर लिखा, ‘के के पाठक का विरोध करने वाले गरीब, दलित, अल्पसंख्यक विरोधी है। क्योंकि सरकारी विद्यालयों में अधिकांश इन्हीं तबके के छात्र/छात्रा, खासकर भुंईयां/मुसहर तबके के विद्यार्थी ही पढने आते हैं। अब दलित, गरीब, अल्पसंख्यक विरोधी थोड़े ना चाहेंगे कि ये तबका पढ़े’।