बिहार में बिजली का नया नियम लागू: दिन में सस्ती, शाम को महंगी… जानिए कब करें ज्यादा इस्तेमाल बिहार में LPG सिलेंडर बनी हत्या की वजह, गैस लाने को कहा तो पति ने प्रेग्नेंट पत्नी की पीट-पीटकर ले ली जान JEE Main 2026: देर हुई तो एंट्री बंद, क्या पहनें–क्या ले जाएं… जान लें हर नियम, वरना छूट सकता है एग्जाम पटना में डॉक्टर से मांगी 10 लाख रुपये की रंगदारी, पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी पटना में डॉक्टर से मांगी 10 लाख रुपये की रंगदारी, पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी चलती बाइक में अचानक धमाका… देखते ही देखते धधक उठी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान पटना पहुंचा BSRTC का 32 नई डीलक्स बसों का बेड़ा, दिल्ली समेत इन राज्यों की यात्रा होगी आसान पटना पहुंचा BSRTC का 32 नई डीलक्स बसों का बेड़ा, दिल्ली समेत इन राज्यों की यात्रा होगी आसान बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस दिन तक हो जाएगा क्लियर, मनोज तिवारी ने दिया बड़ा अपडेट बिहार में आज से फिर गरजेगा बुलडोजर: अतिक्रमण के खिलाफ शुरू होगा महा-अभियान, सरकार ने सभी DM को जारी किया आदेश
11-Sep-2023 04:28 PM
By FIRST BIHAR
DARBHANGA: बिहार के दूसरे एम्स निर्माण को लेकर दरभंगा में मिथिला स्टूडेंट यूनियन सोमवार से आमरण अनशन पर बैठे। डीएमसीएच परिसर में प्रस्तावित दरभंगा एम्स के निर्माण स्थल पर आमरण अनशन आज से शुरू हुआ। जिससे दरभंगा की राजनीतिक गलियारों में चहलकदमी बढ़ गई है। बता दें कि जिस वक्त बिहार में भाजपा और जदयू की सरकार थी। उस वक्त इसी DMCH के 200 एकड़ जमीन पर एम्स का निर्माण होना था। जिसको लेकर केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी और बिहार सरकार ने 81 एकड़ जमीन का ग्रीन फील्ड भी दे दिया। उसी क्रम में बिहार में सियासी उलट फेर के कारण भाजपा और जदयू की डबल इंजन की सरकार टूट गई और बिहार में महागठबंधन की सरकार बन गई। जिसके बाद दरभंगा एम्स का निर्माण सिर्फ राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गया।
वही दरभंगा एम्स को लेकर हो रही राजनीति और सरकार की तरफ से किसी प्रकार की ठोस नतीजा नहीं निकलने से परेशान दरभंगा के मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने सरकार के खिलाफ बिगुल फुंकते हुए डीएमसीएच परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया। वही आंदोलनकारियों का आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं अभिषेक झा ने बताया कि 2015 में दरभंगा एम्स सहित देश के कई राज्यों में एम्स निर्माण की घोषणा होती है। कई राज्यों में पढ़ाई के साथ इलाज शुरू हो गया है लेकिन दरभंगा एम्स के लिए एक ईट अभी तक नहीं जोड़ी गयी है।
अभिषेक झा ने बताया कि 2020 में हम लोगों ने एक मुहीम चलाया था। जिसमें हम लोगों ने घर-घर से एक ईंट लेंगे और दरभंगा एम्स बनाएंगे। जिसपर राज्य सरकार और केंद्र सरकार जागती है और यहां पर मिट्टी भराई की काम शुरू होता है। एम्स आंदोलन को लेकर जब हम लोग प्रतिबद्ध होते हैं तो केंद्र सरकार और राज्य सरकार जागती है। जैसे ही कुछ दिन बीतता है। दरभंगा एम्स का मामला शांत हो जाता है। इस बार मिथिला स्टूडेंट यूनियन एम्स के निर्माण को लेकर सामने आया है। जब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होगा तब तक अनशन जारी रहेगा। एमएसयू की मांग है कि दरभंगा में एम्स का निर्माण जल्द से जल्द किया जाए।
गौरतलब है कि दरभंगा एम्स का निर्माण DMCH परिसर में नहीं हो इसके लिए दरभंगा डॉक्टर एसोशियेशन एक पार्टी के जिलाध्यक्ष के साथ मिलकर षड्यंत्र रच कर वर्तमान में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर एम्स निर्माण कार्य इस स्थल पर ना हो। इसके लिए जमकर पहल किया और कहा कि प्रस्तावित स्थल पर एम्स निर्माण होने से दरभगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। जिसके बाद सरकार ने दरभंगा एम्स निर्माण की जमीन शहर से 7 किलोमीटर दूर शोभन बाईपास में दिया गया। जिसे केंद्र से आई एम्स निर्माण टीम ने सर्वे के दौरान बाढ़ क्षेत्र के नाम पर अस्वीकृत कर दिया। वही दरभंगा एम्स को लेकर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होता देखकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने सोमवार से अपना आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अब देखना है कि इस राजनीतिक नेताओं की आपसी बर्चस्व की लड़ाई के बीच समाधान निकल पाता है या नहीं।

