ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन

महिला के घर में जबरन घुसकर BJP नेता ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

महिला के घर में जबरन घुसकर BJP नेता ने की रेप की कोशिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

16-May-2020 10:37 AM

DESK: बीजेपी नेता एक महिला के घर में जबरन घुस गया और उसके साथ रेप की कोशिश करने लगा. किसी तरह से उसके चंगुल से छुटकर महिला भागी. पुलिस ने बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला असम के हजोई की है. 

हजोई एएसपी ने बताया कि बीजेपी नेता कमरूल हक चौधरी के खिलाफ एक महिला ने लंगा थाना में केस दर्ज कराया है. महिला ने आरोप लगाया कि जबरन घर में आरोपी नेता घुस गया और उसके शरीर के छुने लगा. इस दौरान वह विरोध करती है, लेकिन बीजेपी नेता रेप की कोशिश करने लगा. वह किसी तरह से भागकर जान बचाई. आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. 

फजीहत के बाद पार्टी ने निकाला

फजीहत होने के बाद बीजेपी ने कमरूल हक चौधरी को पार्टी से निकाल दिया है. वह हजोई जिले के बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष था. असम बीजेपी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कमरूल हक चौधरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है. यह कार्रवाई असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए की गई है. पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद उससे जेल दिया गया है.