BIHAR NEWS : पटना से बड़ा ऐलान! अब देश के किसी भी कोने से मदद मांग सकेंगे बिहार के प्रवासी मजदूर LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
10-Jul-2025 03:02 PM
By First Bihar
Life Style: भीषण गर्मी के बाद मानसून के दस्तक से एक अलग ही सुकून होता है। कई राज्यों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे मौसम तो सुहावना हो गया है, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियां भी सामने आने लगी हैं। इन्हीं में से एक है फंगल इंफेक्शन, जो मानसून के दौरान सबसे आम और तेजी से फैलने वाली समस्या बन चुकी है। बारिश के मौसम में वातावरण में नमी, गर्मी और पसीना – ये तीनों मिलकर फंगस को पनपने के लिए आदर्श स्थिति बना देते हैं। इसका असर खासतौर पर स्किन, नाखूनों, पैरों और शरीर की सिलवटों में दिखता है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, वैशाली की स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. रितुपूर्णा दाश बताती हैं कि फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से कैंडिडा और डर्मेटोफाइट्स जैसे फंगस के कारण होते हैं। ये नम जगहों पर तेजी से फैलते हैं। ज्यादा पसीना आना, गीले जूते या मोजे पहनना, टाइट कपड़े पहनना और शरीर को सही तरीके से न सुखाना – ये सभी कारण फंगल इंफेक्शन जैसे एथलीट फुट, दाद (टिनिया), और त्वचा में रैशेज को जन्म देते हैं।
ऐसे लक्षणों को न करें नजरअंदाज
त्वचा पर लाल, खुजलीदार, परतदार या फटी सतह
नाखूनों का रंग उड़ना या मोटा होना
गोल घेरे में फैले हुए दाने जिनके बीच में त्वचा साफ हो
बगल, कमर, स्तनों के नीचे या जांघों में लगातार खुजली
फंगल इंफेक्शन से बचाव के आसान और असरदार उपाय
नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाएं, खासतौर पर पैरों की उंगलियों और शरीर के मोड़ों में।
पसीने से बचने के लिए ढीले और सूती कपड़े पहनें।
गीले जूते, मोजे या कपड़े अधिक समय तक न पहनें।
दिन में दो बार स्नान करें, खासकर अगर आप जिम जाते हैं या बाहर खेलते हैं।
एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल बगल, कमर और पैरों जैसे संवेदनशील हिस्सों पर करें।
तौलिया, रेजर, मोजे और जूते जैसे पर्सनल आइटम्स कभी शेयर न करें।
मानसून में नाखूनों को छोटा और साफ रखें, ताकि उनमें फंगस न पनपे।
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उनकी इम्युनिटी कम होने से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी क्रीम या ओवर-द-काउंटर दवा का प्रयोग न करें, क्योंकि इनमें स्टेरॉयड हो सकते हैं जो इन्फेक्शन को अस्थायी रूप से दबा तो सकते हैं लेकिन बाद में और बिगाड़ सकते हैं। अगर खुजली, दाने, या त्वचा के रंग में बदलाव लगातार बना रहे, या संक्रमण बार-बार लौटता हो, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
शुरुआती इलाज से न सिर्फ संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है, बल्कि यह बार-बार होने से भी बचाता है। मानसून का मौसम जितना खुशनुमा होता है, उतना ही सतर्क रहने की जरूरत भी होती है। थोड़ी सी साफ-सफाई और सावधानी से आप इस मौसम का पूरा आनंद ले सकते हैं, वो भी बिना किसी फंगल इंफेक्शन की चिंता के।