Bihar Transfer-Posting: बिहार में हर वर्ष जून महीने में विभाग के स्तर पर अधिकारियों का स्थानांतरण-पदस्थापन होता है. यह व्यवस्था मुख्यमंत्री रहते नीतीश कुमार ने बनाई थी. जून महीने में स्थानांतरण की फाइल मंत्री स्तर से ही निबटारा किया जाता है. मुख्यमंत्री के परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती. इस बार भी 30 जून तक विभाग के स्तर पर बड़े पैमाने पर अधिकारियों का फेरबदल होना है. इसके लिए संबंधित विभागों में फाइल तैयार की जा रही है.
जून का महीना स्थानांतरण-पदस्थापन वाला.....
बिहार में जून महीने में सरकारी सेवकों के स्थानांतरण-पदस्थापन को लेकर सवाल उठते रहे हैं. गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्रवाई भी की थी. कई बार स्थानांतरण आदेश को रद्द या स्थगित किया गया था. ऐसा इसलिए हुआ था क्य़ों कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने या वसूली की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची थी. इस बार भी कई विभागों में अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर बोली लगाये जाने की खबर निकलकर सामने आ रही है.
दागी अफसर मालदार जिला लेने को बेताब
परिवहन विभाग में अधिकारियों के होने वाले स्थानांतरण-पदस्थापन को लेकर तरह-तरह की चर्चा चल रही है. बताया जाता है कि मनचाही पोस्टिंग को लेकर बाहर ही बाहर बोली लगाई जा रही है. बोली लगाने में परिवहन सेवा के सरकारी सेवक सबसे आगे हैं. वैसे सरकारी सेवक बोली लगाने में आगे बताये जा रहे, जो दागी हैं, जिन पर गंभीर आरोप हैं, जांच एजेंसी की जांच में आरोप प्रमाणित हुए. वे सरकारी सेवक खुद व अपने खास लोगों को मनचाही जिला में पोस्टिंग को लेकर लॉबिंग कर रहे. सेटिंग की बात कही जा रही. अगर ऐसा हुआ तो नीतीश कुमार द्वारा करप्शन पर बनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति की धज्जियां उड़ जाएंगी.
ये लोग तो सरकार को ही दे रहे चैलेंज....
परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नव प्रोन्नत सरकारी सेवकों ने खुद में ही जिलों का बंटवारा कर लिया है. किन्हें कहां जाना है, यह भी तय कर लिया है. ऐसा कर सरकार को ही चुनौती दी जा रही है. जानकार बताते हैं कि हाल ही में अफसर बने इन सरकारी सेवकों में बड़ा और कमाई वाला जिला में पोस्टिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा है.
ट्रांसफऱ-पोस्टिंग पर सरकार की नजर....
बताया जाता है कि 38 जिलों में पचास फीसदी जगहों पर बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहेंगे, बाकी जगह को परिवहन सेवा के अधिकारियों से भरा जायेगा. इसी को लेकर दागियों द्वारा बोली लगाये जाने की खबर निकलकर सामने आ रही है. हालांकि स्थानांतरण-पदस्थान पर सरकार की नजर है. जिन अधिकारियों का कार्यकाल पूर्ण नहीं हुआ, नए और दागियों को संवेनशील और महत्वपूर्ण जिला में पोस्टिंग मिलने पर मंत्री से लेकर सचिव पर सवाल खड़े होंगे.