JPSC Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितता और OMR शीट में हेराफेरी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद अब JPSC के तीन सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेजा है। तीनों सदस्यों को झारखंड पुलिस की CID ने पूछताछ के लिए समन जारी किया था। इस घटनाक्रम के बाद झारखंड के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार को CID तीनों सदस्यों से पूछताछ करेगी।
14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच
CID झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांच में परीक्षा संचालन, OMR शीट में कथित छेड़छाड़ और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने जैसे आरोप शामिल हैं। इसी सिलसिले में CID ने आयोग के तीनों सदस्यों को अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ के लिए बुलाया था। अब उनके इस्तीफे के बाद जांच और भी महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।
पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी पूछताछ
इससे पहले JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते के कार्यालय और आवास पर CID ने छापेमारी की थी। इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। खियांग्ते के आवास से जुड़े एक कंप्यूटर ऑपरेटर से भी CID पूछताछ कर रही है। वहीं, खियांग्ते से CID कार्यालय में दो दौर की पूछताछ होने की जानकारी सामने आई है।
TDPL से जुड़े लोगों पर भी कार्रवाई
इस मामले में परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL के अधिकारियों और अन्य आरोपियों पर भी जांच एजेंसी की कार्रवाई हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी के निदेशक, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और कई अन्य लोगों को CID ने गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर अब जांच का फोकस JPSC के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
इस्तीफे से आयोग की साख पर सवाल
परीक्षा प्रक्रिया और OMR से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा आयोग के कामकाज और उसकी विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जांच एजेंसी की पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं और मामले में आगे किन लोगों पर कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।