Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर विस्तृत चर्चा की गई। बहस के बाद संविधान संशोधन विधेयक पर वोटिंग कराई गई, जिसमें बिल आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को बताया कि संशोधन पर विचार के लिए कराई गई वोटिंग में 298 सदस्यों ने समर्थन में और 230 ने विरोध में मतदान किया। हालांकि, संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष समर्थन नहीं देगा तो विधेयक पारित नहीं हो पाएगा, लेकिन देश की महिलाओं को यह पता चल जाएगा कि उनके अधिकारों के रास्ते में बाधा कौन बन रहा है।
विधेयक के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े, जबकि कुल 489 सांसदों ने मतदान किया। संविधान संशोधन होने के कारण बिल को पास करने के लिए 326 वोटों की आवश्यकता थी, जिससे यह विधेयक 28 वोटों से गिर गया। विधेयक पर सदन में करीब 21 घंटे तक चर्चा हुई, जिसमें 130 सांसदों ने भाग लिया। इनमें 56 महिला सांसद भी शामिल थीं। बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
इससे पहले संसदीय कार्य राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि संबंधित अन्य दो विधेयकों पर आगे चर्चा नहीं होगी। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बता दें कि मोदी सरकार के 11 वर्षों के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब सरकार लोकसभा में कोई विधेयक पारित नहीं करा सकी। इसे केंद्र सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।