ब्रेकिंग न्यूज़

सिस्टम से हारकर महिला दारोगा ने दिया इस्तीफा: बीजेपी विधायक पर प्रताड़ना का आरोप अरवल में दर्दनाक हादसा, बाइक सवार 2 युवकों की घटनास्थल पर ही मौत होलिका दहन के दिन पटना के बाढ़ में फायरिंग, 5 हजार रूपये के लिए शराब माफिया ने बालू कारोबारी को मारी गोली पटना के मेहंदीगंज में बड़ी कार्रवाई: अवैध हथियारों के साथ महिला गिरफ्तार होली को लेकर पुलिस मुख्यालय ने जिलों को जारी किए निर्देश, DJ और अश्लील गानों पर रोक; हुड़दंगियों की खैर नहीं होली को लेकर पुलिस मुख्यालय ने जिलों को जारी किए निर्देश, DJ और अश्लील गानों पर रोक; हुड़दंगियों की खैर नहीं गर्लफ्रेंड को लेकर भाग रहा था बॉयफ्रेंड, गांव वालों ने पकड़कर की कुटाई होली को लेकर बिहार के इस जिले में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, डीएम ने जारी किया आदेश होली को लेकर बिहार के इस जिले में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, डीएम ने जारी किया आदेश MUZAFFARPUR: होली मनाने बुआ के घर आई नाबालिग बच्ची के साथ गांव के युवक ने किया गंदा काम, आरोपी को पुलिस ने दबोचा

सिस्टम से हारकर महिला दारोगा ने दिया इस्तीफा: बीजेपी विधायक पर प्रताड़ना का आरोप

महिला दारोगा का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने में भी बाधाएं डाली गईं और राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर में विधायक का नाम शामिल नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि बाद में विवेचना के दौरान नाम जोड़ने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।

02-Mar-2026 10:44 PM

By First Bihar

DESK:मिशन शक्ति की मिसाल पेश करने वाली एक महिला सब-इंस्पेक्टर ने सिस्टम से हारकर इस्तीफे की पेशकश कर दी है। UP के बिहार थाने में तैनात एसआई रेखा दुबे ने एसपी और आईजी को अपना इस्तीफा भेज कर महकमे में खलबली मचा दी है।


उत्तर प्रदेश के उन्नान में तैनात एक महिला दारोगा ने न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा भेज दिया है। दरोगा रेखा दुबे ने लखीमपुर खीरी के एक भाजपा विधायक और कुछ पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो वे वर्दी त्याग देंगी।


रेखा दुबे, जो पहले लखीमपुर खीरी में तैनात थीं, उसने अपने इस्तीफे में लिखा है कि 29 मार्च 2024 को उनके किराए के आवास में कुछ लोगों ने कथित तौर पर घुसकर तोड़फोड़ और अभद्रता की। आरोप है कि इस घटना में एक स्थानीय भाजपा विधायक के इशारे पर कुछ अराजकतत्वों और तत्कालीन एसपी के ड्राइवर सहित पुलिसकर्मी शामिल थे। जब उनके पति और नाबालिग बेटी ने विरोध किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई।


यूपी की महिला दारोगा का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने में भी बाधाएं डाली गईं और राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर में विधायक का नाम शामिल नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि बाद में विवेचना के दौरान नाम जोड़ने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने उच्चाधिकारियों पर समझौते का दबाव बनाने और विरोध करने पर पति-पत्नी का अलग-अलग जिलों में तबादला करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्नाव के एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।