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24-Feb-2026 05:01 PM
By First Bihar
WhatsApp SIM Verification India: भारत में व्हाट्सएप इस्तेमाल करने का तरीका जल्द बदल सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) के नए नियमों के अनुपालन में कंपनी एक नए सिम-बाइंडिंग फीचर पर काम कर रही है। इस फीचर के लागू होने के बाद यदि आपके फोन में वही सक्रिय सिम कार्ड मौजूद नहीं होगा, जिससे व्हाट्सएप रजिस्टर है, तो आपका अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक या प्रतिबंधित किया जा सकता है।
डिजिटल धोखाधड़ी और बंद हो चुके नंबरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। मौजूदा सिस्टम में एक बार लॉग-इन करने के बाद यदि यूजर सिम कार्ड निकाल भी देता है, तब भी व्हाट्सएप चलता रहता है। लेकिन नए नियमों के तहत यह व्यवस्था बदल सकती है।
क्या है नया नियम और क्यों जरूरी है?
दूरसंचार विभाग के अनुसार, कई बार मोबाइल नंबर बंद हो जाते हैं या किसी अन्य व्यक्ति को दोबारा आवंटित कर दिए जाते हैं। ऐसे में पुराने नंबर से जुड़े व्हाट्सएप अकाउंट का गलत इस्तेमाल हो सकता है। इस जोखिम को कम करने के लिए सिम की सक्रियता की नियमित जांच आवश्यक मानी गई है।
नए सिस्टम के तहत व्हाट्सएप समय-समय पर बैकग्राउंड में यह सत्यापित करेगा कि संबंधित मोबाइल नंबर वाला सिम उसी डिवाइस में सक्रिय है या नहीं। यदि सिम कार्ड फोन में मौजूद नहीं मिला या निष्क्रिय पाया गया, तो अकाउंट का एक्सेस सीमित कर दिया जाएगा। हालांकि कंपनी का कहना है कि यूजर की चैट और डेटा सुरक्षित रहेंगे।
कैसे काम करेगा नया सिक्योरिटी लेयर?
1. सिम-बेस्ड ऑथेंटिकेशन को प्राथमिकता
व्हाट्सएप ने हाल ही में पासकी जैसे आधुनिक फीचर पेश किए थे, लेकिन भारत के नए नियमों के चलते सिम आधारित प्रमाणीकरण को फिर से प्राथमिकता दी जा सकती है। छह अंकों वाला वेरिफिकेशन कोड अनिवार्य हो सकता है, क्योंकि नियम सिम की भौतिक उपस्थिति को जरूरी बताते हैं।
2. सेशन रिन्यूअल प्रॉम्प्ट
लॉग-इन करने के बाद भी यूजर को समय-समय पर सेशन रिन्यूअल का नोटिफिकेशन मिल सकता है। इसमें यह पुष्टि करनी होगी कि संबंधित सिम कार्ड सक्रिय है। यह प्रक्रिया सामान्यतः बैकग्राउंड में होगी, लेकिन सत्यापन विफल होने पर यूजर को दोबारा वेरिफिकेशन करना पड़ सकता है।
3. टू-स्टेप वेरिफिकेशन बना रहेगा
बताया जा रहा है कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) कोड पहले की तरह काम करता रहेगा। लेकिन सिम की उपस्थिति प्राथमिक सुरक्षा जांच का हिस्सा होगी।
किन यूजर्स पर पड़ेगा सर?
फिलहाल यह बदलाव केवल भारत में लागू होने की संभावना है। इसका असर उन्हीं अकाउंट्स पर पड़ेगा जो भारतीय अंतरराष्ट्रीय कोड +91 के साथ पंजीकृत हैं। अन्य देशों में व्हाट्सएप पहले की तरह कार्य करता रहेगा।
बीटा वर्जन में दिखा नया फीचर
यह नया सिस्टम व्हाट्सएप बीटा फॉर एंड्रॉइड वर्जन 2.26.8.6 में देखा गया है। इसे लागू करने के लिए कंपनी ने अपने प्रमाणीकरण सिस्टम को फिर से डिजाइन किया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल वही यूजर अपने अकाउंट का इस्तेमाल करे, जिसके पास संबंधित सिम सक्रिय रूप से मौजूद हो।
क्या होंगे फायदे?
इस फीचर से फर्जी अकाउंट, बंद नंबरों का दुरुपयोग और डिजिटल फ्रॉड की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। सिम-बाइंडिंग फीचर से सुरक्षा का स्तर और मजबूत होगा। हालांकि कुछ यूजर्स के लिए बार-बार सत्यापन प्रक्रिया थोड़ी असुविधाजनक हो सकती है।