DESK: पश्चिम बंगाल में 1 जून से अब महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और साथ में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना लागू करने की घोषणा कर दी है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस योजना को लागू करने का वादा किया था, जिसे अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार पूरा करने जा रही है।


बीजेपी सरकार की पहली बैठक में इस पर फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने यह घोषणा किया कि 01 जून 2026 से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी दी जाएगी।


दरअसल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 विधानसभा चुनाव से पहले ‘लक्ष्मी भंडार’योजना शुरू करने का वादा किया था। चुनाव जीतने के बाद ममता सरकार ने जनता से किये वादे को पूरा किया था। उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना को पूरे बंगाल में लागू किया था। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 500 रुपये दिए जाते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह दिए जाने लगे।


2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 3000 रुपये देने का वादा किया था। साथ ही सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की बात कही थी। चुनाव जीतने के बाद बंगाल में बीजेपी की सरकार बन गयी।  अब नई सरकार ने इसे लागू करने का फैसला लिया है।


सरकार के अनुसार, फिलहाल उन्हीं महिलाओं को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना का लाभ मिलेगा, जो पहले से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का फायदा उठा रही थीं। इसके लिए दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। अगर आगे किसी अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी की आवश्यकता पड़ी, तो सरकार इसकी सूचना देगी।


इसके अलावा, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई सामाजिक योजनाएं बंद नहीं की जाएंगी और लोगों को पहले की तरह उनका लाभ मिलता रहेगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अगले सोमवार को एक और कैबिनेट बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि उस बैठक में सरकार अपने अन्य चुनावी वादों को लागू करने पर भी फैसला ले सकती है। अब सबकी निगाहें 1 जून पर टिकी हुई है, इस दिन बंगाल सरकार महिलाओं को बड़ी सौगात देगी।