DESK: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मदरसों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य होगा। यह आदेश 19 मई से प्रभावी कर दिया गया है। नए नियम के तहत अब सुबह की प्रार्थना सभा में ‘जन गण मन’ के साथ ‘वंदे मातरम’ भी गाया जाएगा। सरकार ने सभी मदरसों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार ने पिछले 12 दिनों में कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनकी पूरे राज्य में चर्चा हो रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को फेंसिंग के लिए 600 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है। बताया गया है कि 45 दिनों के भीतर जमीन हस्तांतरित कर दी जाएगी, जिससे लंबे समय से चल रहा सीमा विवाद खत्म हो सकेगा।
राज्य सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को भी लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 7 समुदायों के उन लोगों को नागरिकता का लाभ मिलेगा, जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आ चुके हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू करने की घोषणा की है। इससे गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। वहीं लंबे समय से रुकी जनगणना प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
सरकारी नौकरी और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को राहत देते हुए आवेदन की अधिकतम उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा राज्य के IAS, IPS और WBPS अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग कार्यक्रमों में शामिल होने की अनुमति भी दे दी गई है।
सरकार ने नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों, जैसे भारतीय न्याय संहिता, को राज्य में पूरी तरह लागू करने का भी फैसला किया है। वहीं 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने की तैयारी में भी है। महिलाओं के लिए 1 जून से ‘अन्नपूर्णा योजना’ शुरू की जाएगी, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी लागू की जाएगी।
इसके अलावा सरकार ने धर्म आधारित वित्तीय सहायता योजनाओं को बंद करने, सरकारी बोर्ड और निगमों में मनोनीत पदाधिकारियों को हटाने तथा रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त अधिकारियों की सेवाएं समाप्त करने का भी फैसला लिया है। वहीं गोहत्या को लेकर जारी नए नोटिस में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के किसी भी मवेशी या भैंस की हत्या पर रोक लगाने की बात कही गई है।