Vande Bharat Sleeper Train: वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब इस रूट पर सफर सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा आरामदायक भी होने जा रहा है। वाराणसी-नई दिल्ली के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का नियमित कमर्शियल परिचालन 2 नवंबर 2026 से शुरू होने जा रहा है। यानी सोमवार से यात्री इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन में सफर कर सकेंगे।

इस ट्रेन को 31 अक्टूबर को वाराणसी रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वाराणसी और नई दिल्ली के बीच रेल सफर में एक नया अध्याय जुड़ गया है। रेलवे के मुताबिक, 2 नवंबर से ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू होगा।

यूपी की पहली, देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस कई मायनों में खास है। यह उत्तर प्रदेश की पहली और देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी। ट्रेन के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे जोन के पास रहेगी।दरअसल, वाराणसी और नई दिल्ली के बीच पहले से ही वंदे भारत चेयर कार ट्रेनों की दो जोड़ी चल रही हैं। यात्रियों की भारी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों ट्रेनों में शुरुआत से ही 100 फीसदी से ज्यादा ऑक्यूपेंसी दर्ज होती रही है। ऐसे में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और रात के सफर की जरूरत को देखते हुए रेलवे ने स्लीपर वंदे भारत की शुरुआत की है।यानी अब जो यात्री रात में वाराणसी से दिल्ली या दिल्ली से वाराणसी का सफर करना चाहते हैं, उनके पास तेज रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं वाली एक नई ट्रेन का विकल्प होगा।

रात में चलेगी ट्रेन, सुबह पहुंचा देगी दिल्ली

वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 27421 रात 8:50 बजे वाराणसी जंक्शन से रवाना होगी। रातभर के सफर के बाद यह ट्रेन अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।यह ट्रेन शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।वहीं, नई दिल्ली से वाराणसी लौटने वाली ट्रेन संख्या 27422 रात 9:40 बजे नई दिल्ली से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन शनिवार को छोड़कर छह दिन संचालित होगी। यात्रियों के लिए यह टाइमिंग इसलिए भी सुविधाजनक है क्योंकि रात में सफर करते हुए सुबह गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा और दिन का समय भी बच जाएगा।

इन स्टेशनों पर भी रुकेगी

वाराणसी और नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह स्लीपर वंदे भारत रास्ते में चुनिंदा प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी। दोनों दिशाओं में ट्रेन के ठहराव प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में होंगे। इससे सिर्फ वाराणसी और दिल्ली के यात्रियों को ही फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि इन प्रमुख शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी तेज और आरामदायक सफर का विकल्प उपलब्ध होगा।

180 KM की रफ्तार, कवच से सुरक्षा

यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आधुनिक तकनीक से लैस है। ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार के लिए तैयार किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें अत्याधुनिक 'कवच' एंटी-कोलिजन सिस्टम लगाया गया है। इसके अलावा ट्रेन में एडवांस सेंसर और सीसीटीवी कैमरे भी मौजूद हैं।यात्रियों के आराम का भी खास ध्यान रखा गया है। ट्रेन में ऑटोमैटिक डोर, आधुनिक बायो-वैक्यूम टॉयलेट और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। खास बात यह है कि फर्स्ट एसी कोच में यात्रियों के लिए शावर की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 कोच 3-टियर, 4 कोच 2-टियर और एक कोच फर्स्ट एसी का होगा। पूरी ट्रेन में एक साथ 823 यात्री सफर कर सकेंगे। इनमें 3-टियर में 611, 2-टियर में 188 और फर्स्ट एसी में 24 यात्रियों की क्षमता होगी।

टिकट बुकिंग कैसे होगी?

ट्रेन के कमर्शियल संचालन के साथ यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया भी शुरू होगी। यात्री ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए IRCTC की वेबसाइट, रेल कनेक्ट और RailOne ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा ऑफलाइन टिकट के लिए रेलवे स्टेशनों पर मौजूद PRS काउंटर से रिजर्वेशन कराया जा सकेगा।

कुल मिलाकर वाराणसी से नई दिल्ली के बीच यह नई स्लीपर वंदे भारत उन यात्रियों के लिए बड़ा विकल्प बनने वाली है, जो रात में आराम से सफर करते हुए सुबह दिल्ली पहुंचना चाहते हैं। तेज रफ्तार, स्लीपर कोच, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा के साथ 2 नवंबर से शुरू होने वाली यह ट्रेन इस रूट के यात्रियों के सफर का अंदाज बदल सकती है।